‘गुलाब’ चक्रवात : छह मछुआरे समंदर में लापता...29 तक बंगाल पहुंचने आसार....एनडीआरएफ की 18 टीमें तैनात
चक्रवाती तूफान ‘गुलाब’ ने रविवार को आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में दस्तक दी। देर रात को यह 95 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ओडिशा के गोपालपुर और आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम तटों से टकराया। समंदर में उठी ऊंची लहरों के बीच आंध्र प्रदेश के छह मछुआरे बंगाल की खाड़ी में लापता हो गए।
कमजोर पड़ा चक्रवाती तूफान ‘गुलाब’
मौसम विभाग भुवनेश्वर के निदेशक एचआर बिस्वास ने देर रात बताया कि
'चक्रवाती तूफान 'गुलाब' कलिंगपट्टनम (आंध्र प्रदेश में) से 20 किमी उत्तर
में पार कर गया। बिस्वास के मुताबिक, चक्रवाती तूफान ‘गुलाब’ लगभग आधी रात
को ओडिशा के कोरापुट जिले में प्रवेश किया और उसके छह घंटे बाद यानी सोमवार
सुबह तक कमजोर होकर कम दबाव क्षेत्र में बदल गया है। उन्होंने बताया
कि 'ओडिशा के कोरापुट, रायगडा और गजपति जिलों में भारी वर्षा की संभावना है
और हवा की गति 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे रहेगी।'
शाम 6 बजे शुरू हुई थी लैंडफॉल की प्रक्रिया
'गुलाब' के लैंडफॉल की प्रक्रिया रविवार शाम करीब छह बजे शुरू हो गई थी।
इसके बाद तूफान आंध्र प्रदेश में कलिंगपट्टनम और ओडिशा में गोपालपुर के बीच
क्लाउड बैंड तटीय क्षेत्र में प्रवेश कर गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग
(आईएमडी) ने कहा कि यह प्रक्रिया अगले दो से तीन घंटे तक जारी रहेगी। इसकी
वजह से दक्षिणी जिलों गंजम, गजपति, कंधमाल, रायगडा, नबरंगपुर, कोरापुट और
मलकानगिरी के साथ-साथ मध्य तटीय जिलों केंद्रपाड़ा, कटक, जगतसिंहपुर,
खुर्दा, पुरी और नयागढ़ में हल्की से मध्यम बारिश हुई।
ओडिशा के विशेष राहत आयुक्त पीके जेना ने रविवार देर रात बताया कि मौसम विभाग की रिपोर्ट से संकेत मिलता है कि रात बढ़ने के साथ बारिश बढ़ने की संभावना है। जिला प्रशासन ने चौकसी बरतने को कहा है। अभी तक कोई बड़ा भूस्खलन नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि रात नौ बजे तक, छह जिलों में लगभग 39,000 लोगों को निकाला गया है।' आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले के संथागुडा में लैंडफॉल बनाने के बाद चक्रवात गुलाब के गहरे दबाव में कमजोर होकर कोरापुट जिले में प्रवेश करने की संभावना है।
मौसम विभाग ने दोनों राज्यों के लिए रेड अलर्ट किया था जारी
मौसम विभाग के अनुसार तूफान के पहले 75 से 85 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से
हवाएं चलीं और तटीय इलाकों में भारी बारिश हुई। मौसम विभाग ने इसके
मद्देनजर पहले ही रेेड अलर्ट जारी किया था। शाम पांच बजे के आसपास गुलाब
ओडिशा के गोपालपुर से 125 किलोमीटर और आंध्र के कलिंगपट्टनम से 160
किलोमीटर दूर था। यह आधी रात तक कलिंगपट्टनम और गोपालपुर के बीच तट को पार
करेगा।
ईस्ट कोस्ट रेलवे ने 34 ट्रेनें रद्द कीं, 13 का समय और 17 के रूट में बदलाव
ईस्ट कोस्ट रेलवे ने 34 ट्रेनें रद्द कर दी हैं। इसके अलावा 13 ट्रेनों के
समय में बदलाव किया गया है और 17 ट्रेनों का मार्ग बदला गया है। रेलवे की
ओर से पुलों और सिग्नल ऑपरेशन पर नजर रखी जा रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों राज्यों को दिया हर संभव मदद का आश्वासन
इसबीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के सीएम जगन मोहन रेड्डी
और ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक से बात की और वहां ‘गुलाब’ से पैदा हुए
हालात की समीक्षा। पीएम ने दोनों राज्यों को केंद्र की ओर से हर संभव मदद
का आश्वासन दिया। ओडिशा के राज्य के राहत आयुक्त पीके जेना ने बताया, गजपति
व गंजाम जिलों से 5000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया
है। इस बार पाकिस्तान ने तूफान का नाम ‘गुल-आब’ रखा है।
नौसेना के दो जहाज राहत सामग्री के साथ तैनात
भारतीय नौसेना ने कहा है वह गुलाब की गतिविधियों पर करीबी नजर बनाए हुए है
और राहत और बचाव कार्यों के लिए जहाजों और विमानों को तैयार रखा गया है।
नौसेना के दो जहाज राहत सामग्री के साथ समंदर में तैनात हैं। विशाखापट्टनम
में आईएनएस डेगा और चेन्नई के करीब आईएनएस राजाली को प्रभावित क्षेत्रों
में हवाई सर्वे के लिए तैयार रखा गया है।
एनडीआरएफ की 18 टीमें तैनात
एनडीआरएफ की टीम ने रविवार को आध्रप्रदेश के बंदारुवानीपेटा और कलिंगपट्टनम
गांव में राहत और बचाव कार्य का अभ्यास किया। एनडीआरएफ के टीम कमांडर
सुशांत कुमार बेहरा ने कहा, हमारी टीम ने लोगों को तैयारियों के बारे में
बताया। दिव्यांगों और बुजुर्गों को पहले ही सुरक्षित स्थान पर राहत शिविरों
में पहुंचा दिया गया है। इससे पहले एनडीआरएफ के डीजी सत्यनारायण प्रधान ने
बताया था कि एनडीआरएफ की 13 टीमें (24 उपदलों)को ओडिशा और पांच टीमों को
आंध्र प्रदेश में तैनात किया गया है।
नवीन पटनायक ने शून्य नुकसान का रखा लक्ष्य
ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने चक्रवात ‘गुलाब’ के खतरे को देखते हुए
दिल्ली के ओडिशा भवन में एक समीक्षा बैठक की और तैयारियों का जायजा लिया।
उन्होंने तूफान की आशंका वाले जिलों में शून्य नुकसान का लक्ष्य रखा है।
उन्होंने कहा कि 10 जिलों में इस तूफान का प्रभाव सबसे अधिक रहने की
संभावना है।
मछुआरों को समुद्र से दूर रहने की चेतावनी
चक्रवात के मद्देनजर आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के मछुआरों को
समुद्र तटों से दूर रहने को कहा गया है। मौसम विभाग के अनुसार 27 सितंबर तक
समुद्र में ऊंची लहरें उठेंगी। बंगाल की खाड़ी के पूर्वी-मध्य और
उत्तरपूर्वी क्षेत्र में समुद्र में जाने से मना किया गया है।
29 तक बंगाल पहुंचने आसार
चक्रवाती तूफान ‘गुलाब’ 29 सितंबर के आस पास पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों
में पहुंचेगा। कोलकाता मौसम विभाग के अधिकारी जीके दास के मुताबिक 28-29
सितंबर को दक्षिण बंगाल भारी बारिश हो सकती हैं और तेज हवाएं चल सकती हैं।
कोलकाता, उत्तर 24 परगना, पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर , झारग्राम, हावड़ा और
हुगली में भारी बारिश की संभावना है।