भारत बंद 2021: एक्सप्रेस-वे व एनएच- 9 पर बैठे किसान, सभी लेन की बंद....कई राज्यों में प्रदर्शन
भारत बंद के नाम पर मुट्ठी भर आंदोलनकारी यूपी गेट पर दिल्ली मेरठ
एक्सप्रेसवे (डीएमई) रोक कर बैठे हैं। वहीं, शहर में कहीं भी भारत बंद का
असर नहीं दिख रहा है। हालांकि डायवर्जन के चलते महाराजपुर समेत अन्य बार्डर
पर जाम लगा है। लोगों का कहना है कि कहीं भी भारत बंद नहीं है,
आंदोलनकारियों को अपनी जबरदस्ती की जिद छोड़ देनी चाहिए।
यूपी गेट पर दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे और एनएच- नौ की दिल्ली जाने वाली को
आंदोलनकारी बंद कर 27 नवंबर 2020 से बैठे हैं। आंदोलनकारियों की ओर से 27
सितंबर को भारत बंद का एलान किया गया। हालांकि शहर के लोगों ने भारत बंद का
विरोध किया है। यूपी गेट पर प्रदर्शनकारी सुबह 6 बजे से दिल्ली मेरठ
एक्सप्रेसवे व एनएच - 9 की दिल्ली से मेरठ की ओर जाने वाली लेन को बंद कर
बैठे हैं। यहां मुट्ठी भर आंदोलनकारी नए कृषि कानूनों के वापसी जिद की राग
अलाप रहे हैं।
डायवर्जन से लगा जाम, लोग परेशान
आंदोलनकारियों ने डीएमई की मेरठ की ओर जाने वाली लेन को बंद कर दिया है। ऐसे में दिल्ली से मेरठ की ओर जाने वाले वाहनों को महाराजपुर, सीमापुरी व भोपुरा बार्डर से निकाला जा रहा है। वहीं, इन्ही बार्डर से वाहन दिल्ली में प्रवेश भी कर रहे हैं। वाहनों का दबाव बढ़ने से इन बार्डर पर भयंकर जाम की स्थिति है। जाम में कई एंबुलेंस भी फस गई । पुलिस ने एंबुलेंस को निकलवाया। इससे लोग परेशान हैं
विपक्ष की राजनीति और भी प्रशासन की नजर
भारत बंद के समर्थन में विपक्ष सड़क पर उतरकर प्रदर्शन कर सकता है। ऐसे में विभिन्न चौराहों और बाजार में पुलिस और प्रशासन सतर्क है। पुलिस क्षेत्राधिकारी द्वितीय ज्ञानेंद्र सिंह का कहना है कि भारत बंद के नाम पर सड़क पर उतर कर प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
आंध्र प्रदेश में भारत बंद को सीपीआइ का समर्थन
आंध्र प्रदेश में वाम दलों ने 3 कृषि कानूनों के खिलाफ आज भारत बंद का पालन करने के लिए विजयवाड़ा बस स्टेशन के सामने विरोध प्रदर्शन किया। सीपीआई (एम) के राज्य सचिव पी मधु ने इस दौरान कहा कि यह केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ एक राष्ट्रीय विरोध है। किसान 3 कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले 10 महीनों से विरोध कर रहे हैं।
केरल में भारत बंद का असर
केरल में भारत बंद का असर दिख रहा है। सड़कें सूनी दिख रही हैं। तिरुवनंतपुरम में दुकानें बंद हैं। एलडीएफ और यूडीएफ से जुड़े ट्रेड यूनियनों ने तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आज भारत बंद के आह्वान का समर्थन किया।
कर्नाटक में भारत बंद को समर्थन
किसानों के भारत बंद के समर्थन में कर्नाटक में विभिन्न संगठनों ने कलबुर्गी सेंट्रल बस स्टेशन के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि कई संगठन हमारे किसानों का समर्थन कर रहे हैं और देशव्यापी बंद के आह्वान में भाग ले रहे हैं।
पंजाब में किसानों का प्रदर्शन
पंजाब के अमृतसर में जिन जगहों पर किसान धरना प्रदर्शन कर रहे हैं वहां सुबह पांच बजे से सुरक्षाबलों को तैनात कर दिया गया है। किसानों का विरोध शांतिपूर्ण है, इसलिए सुरक्षाबलों से भी कहा गया है कि उनके साथ अभद्र व्यवहार न करें और कुछ होने पर मेरे संज्ञान में लाएं।
बता दें कि तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली मे विभिन्न बॉर्डरों पर पिछले दस महीनों से किसानों का आंदोलन जारी है। पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा आदि के किसान सरकार से कृषि कानूनों को रद्द करने और एमएसपी पर कानून बनाने की मांग कर रहे हैं।