पुनीत राजकुमार की आंखें हुईं ट्रांसप्लांट, 4 युवाओं को मिली जीवन की नई रोशनी
कन्नड़ एक्टर पुनीत राजकुमार (Puneeth Rajkumar) की कार्डियक अरेस्ट (Cardiac Arrest) की वजह से तीन दिन पहले मौत हो गई थी। उन्होंने अपनी आंखें दान करने का ऐलान किया था। पुनीत की इन दो आंखों से चार युवाओं को जिंदगी की नई रोशनी मिल गई है।
नारायण नेत्रालय (Narayana Nethralaya) में पुनीत की आंखों को चार मरीजों सफलता पूर्वक ट्रांसप्लांट कर दी गईं है। ये आंखें तीन पुरुष और एक महिला मरीज के लगाई गई हैं। हालंकि अस्पताल ने नियमों का पालन करने का हवाला देते हुए अधिक जानकारी देने से मना कर दिया है। आम तौर पर एक मृत व्यक्ति के दो कॉर्निया से दो नेत्रहीन रोगियों को रोशनी मिल पाती है, लेकिन कन्नड़ एक्टर पुनीत के मामले में चार रोगियों को इसका लाभ मिला है।
दिवंगत एक्टर की प्रत्येक आंख का इस्तेमाल दो मरीजों के लिए किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नई टेक्नोलॉजी के चलते डॉक्टरों की एक टीम ने पुनीत की दो कॉर्निया को चार हिस्सों में बांटकर चार मरीजों को कॉर्निया ट्रांसप्लांट करने में सफल रही। डॉक्टरों की टीम में डॉ राजकुमार नेत्र बैंक के चिकित्सा निदेशक यतीश शिवन्ना और सलाहकार में डॉ. डी सूजा, हर्षा नागराज और प्रार्थना भंडारी शामिल थे।
नारायण नेत्रालय के चेयरमैन डॉ भुजंग शेट्टी (Dr Bhujang Shetty ने कहा कि जिन मरीजों पर आंखों का ट्रांसप्लानेंट किया गया है, उन सबकी उम्र 20-30 साल के बीच है। वो पिछले 6 महीने से इंतजार कर रहे थे। करोना वायरस के चलते नेत्र दान पूरी तरह से बंद कर दिया गया था। पहले हम अपने अस्पताल में हर महीने कम से कम 200 ट्रांसप्लांट सर्जरी करते थे। पिछले 2-3 महीनों से हालात में सुधार हो रहा है, लेकिन अभी भी वेटिंग लिस्ट लंबी है। लिहाजा हमने इन आंखों का बेहतर तरीके से इस्तेमाल किया और 2 के बजाय 4 लोगों को लगाया।
बता दें कि पुनीत का 29 अक्टूबर को दिल का दौरा पड़ने से निधन गया था और उनके सबसे बड़े भाई राघवेन्द्र राजकुमार ने अपने पिता डॉ राजकुमार की मृत्यु के बाद नेत्रदान करने की पारिवारिक परंपरा को बनाए रखते हुए नारायण नेत्रालय से संपर्क किया।