ओड़िशा के कई इलाकों में झमाझम बारिश का दौर जारी, छत्तीसगढ़ में भी देखने को मिल सकता है आंशिक असर.
बंगाल की खाड़ी से उठा भीषण चक्रवाती तूफान ‘जवाद’ आज को उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा से टकराने जा रहा है। तूफान के खतरे के मद्देनजर दोनों राज्यों की सरकारे अलर्ट मोड पर है और नौसेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को बचाव कार्य में तैनात किया गया है। नौसेना की 13 फ्लड रिलीफ टीमों और चार गोताखोर टीमों को बचाव कार्य के लिए तैयार रखा गया है। राज्य में मौसम पूरी तरह से बदला हुआ है। कई इलाकों में झमाझम बारिश का दौर बना हुआ है।
मौसम विभाग के अनुसार, ‘जवाद’ शुक्रवार को एक चक्रवाती तूफान में तब्दील हो चुका है। चक्रवात के असर से उत्तरी आंध्र प्रदेश और ओडिशा में आज शनिवार को जोरदार बारिश के आसार है। ओडिशा, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश में चक्रवाती तूफान ‘जवाद’ का असर पड़ रहा है। ओडिशा में चक्रवाती तूफान ‘जवाद’ असर ज्यादा दिख रहा है। यहां तूफान के कारण बारिश से रेल सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। चक्रवाती तूफान के कारण रेलवे ने करीब 150 ट्रेनों को रद्द कर दिया है।
ओडिशा के पुरी जिले में तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश हो रही है। यहां पर चक्रवात जवाद के पहुंचने की संभावना है। जिसके मद्देनजर मछुआरों को समुद्र नहीं जाने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार, तूफान जवाद शनिवार को सुबह उत्तरी आंध्र प्रदेश और ओडिशा तट के पास पश्चिमी-मध्य बंगाल की खाड़ी पहुंचेगा। इसके बाद यह ओडिशा और निकटवर्ती आंध्र प्रदेश के तट के पास उत्तर-पूर्वोत्तर की ओर बढ़ता हुआ 5 दिसंबर को दोपहर तक पुरी के आसपास के तट पर पहुंचेगा।
चक्रवात जवाद का आंशिक असर छत्तीसगढ़ में भी देखने को मिल सकता है. जवाद का असर जिन जिवों में देखा जा सकता है उनमें जशपुर, सरगुजा और बलरामपुर जिले शामिल हैं. हालांकि, जवाद के असर से मौसम में कोई बड़ा परिवर्तन देखने को नहीं मिलेगा, लेकिन अगले कुछ दिनों तक आसमान में बादल देखने को मिल सकते हैं. हल्की बूंदाबांदी का भी अनुमान जताया गया है. मौसम विभाग ने बताया कि पश्चिम मध्य और उससे सटे दक्षिण बंगाल की खाड़ी पर स्थित गहरा दबाव मजबूत होता जा रहा है. अगले 12 घंटों के दौरान एक चक्रवाती तूफान में तब्दील हो जाएगा.
4 दिसंबर की सुबह तक उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओड़िसा के तटीय क्षेत्र की ओर नजदीक आ कर समुद्र (खाड़ी) में ही उत्तर- उत्तर पश्चिम दिशा में मुड़ कर पश्चिम बंगाल की ओर संभावित रूप से बढ़ता चला जायेगा. 4 दिसंबर की शाम तक ये तूफान व्यापक हो जाएगा जिससे उत्तर छत्तीसगढ़ (सरगुजा संभाग) में बादलों की मात्रा में वृद्धि हो सकती है.
इसके साथ ही मध्यम गति से हवा चल सकती हैं. चूंकि तूफान अपना रास्ता बदलकर उत्तर-पश्चिम उत्तर की ओर बढ़ जाने की ओर अग्रसर है इसीलिए मौसम में बूंदाबांदी के अलावा कोई विशेष असर नहीं पड़ेगा.