जनवरी में आ सकती है कोरोना की तीसरी लहर, कोविड सुपरमॉडल कमेटी ने किया दावा
कोविड सुपरमॉडल कमेटी ने आकलन किया है कि अगले साल की शुरुआत में ओमिक्रॉन की वजह से कोरोना की तीसरी लहर आ सकती है और इसका पीक फरवरी महीने में होगा. देश में कोरोना वायरस के फिलहाल रोजाना 8 हज़ार से कम मामले आ रहे हैं. पिछले 24 घंटे में 7 हज़ार 81 नए मामले आए हैं, जबकि 264 मरीज़ों की मौत हुई है. वहीं बीते 24 घंटों में 7 हज़ार 469 मरीज़ों ने कोरोना को मात दी है. फिलहाल देश में कोरोना के एक्टिव मरीज़ों की संख्या क़रीब 84 हज़ार है जो कि पिछले 19 महीनों में सबसे कम है.
कमेटी की प्रमुख प्रोफ़ेसर विद्यासागर ने कहा कि ओमिक्रॉन तीसरी लहर लाएगा. लेकिन देश में बड़े पैमाने पर बढ़ी इम्युनिटी की वजह से दूसरी लहर के मुक़ाबले तीसरी लहर हल्की होगी. साथ ही उन्होंने कहा कि इस बात की बहुत कम संभावना है कि तीसरी लहर में दूसरी लहर की तुलना में रोजाना ज़्यादा केस आएंगे.
किन बातों पर निर्भर करेगी केस में बढ़ोतरी?
विद्यासागर ने कहा कि सीरो-सर्वे के अनुसार, आबादी का बहुत छोटा
हिस्सा बचा है जो डेल्टा वेरिएंट के संपर्क में नहीं आया है। ऐसे में तीसरी लहर
दूसरी लहर जितनी खतरनाक नहीं होगी। इसके अलावा पुराने अनुभवों को देखते हुए देश ने
अपनी क्षमताओं में भी इजाफा कर लिया है। ऐसे में उम्मीद है कि नई चुनौती से निपटा
जा सकेगा।