मोदी सरकार पीएम किसान की बढ़ा सकती है रकम, ग्रामीण अर्थव्यवस्था होगी मजबूत
कोरोना महमारी के बीच बजट 2022 (Budget 2022) में सरकार का पूरा जोर अर्थव्यवस्था (Indian Economy) को मजबूती देने पर रहेगा. इसमें भी खासतौर पर ग्रामीण और कृषि अर्थव्यवस्था (Rural and Agri Economy) पर जोर रहेगा. इसके तहत सरकार बजट 2022 (Aam Budget 2022) में किसानों की बेहतरी के लिए कई घोषणाएं कर सकती है. इनमें पीएम किसान (PM Kisan) सम्मान निधि की रकम में बढ़ोतरी भी शामिल है.
कृषि क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि पीएम किसान के तहत राशि बढ़ाकर 6,000 रुपये से ज्यादा करने से न सिर्फ किसानों को राहत मिलेगी बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। कृषि ही एक ऐसा क्षेत्र है, जिस पर महामारी का ज्यादा असर नहीं रहा. विशेषज्ञों का कहना है कि पीएम किसान के अलावा सरकार इस बजट में किसानों के लिए कई अन्य राहतों की घोषणा कर सकती है.
आईआईएफएल सिक्योरिटीज (IIFL Securities) के उपाध्यक्ष (रिसर्च) अनुज गुप्ता का कहना है कि महंगाई के इस दौर में सरकार अगर बजट 2022 में पीएम किसान सम्मान निधि के तहत राशि बढ़ाती है तो आगे इसके कई लाभ दिखेंगे. इससे न सिर्फ किसानों की आय (Farmers Income) बढ़ाने में मदद मिलेगी बल्कि उन्हें लगातार बढ़ रही महंगाई के मोर्चे पर भी राहत मिलेगी. उन्होंने कहा कि महंगाई (Inflation) बढ़ने से खेती के इस्तेमाल होने वाले खाद, बीज और डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही है. ऐसे में पीएम किसान में होने वाली बढ़ोतरी किसानों को राहत जरूर देगी.
अनुज गुप्ता का कहना है कि किसानों को ज्यादा रकम मिलती है तो वे इसका इस्तेमाल अपनी पैदावार बढ़ाने में कर सकते हैं. सरकार ने हाल ही में खाद्य तेल (Edible Oil) से जुड़ी योजना शुरू की है. पीएम किसान की बढ़ी हुई रकम से किसान तिलहन फसलों की पैदावार बढ़ा सकते हैं. इससे खाद्य तेलों के आयात में कमी आएगी. खास बात है कि पैदावार बढ़ने से किसानों की कमाई बढ़ेगी, जिससे वे पहले के मुकाबले ज्यादा खर्च कर सकेंगे. इससे खपत (Consumption) में इजाफा होगा, जिससे कुल मिलाकर अर्थव्यवस्था को ही मजबूती मिलेगी.
आपको बता दें कि पीएम किसान सम्मान निधि के तहत रकम बढ़ाने की मांग पहले भी कई बार हो चुकी है. उम्मीद है कि इस बजट में राशि बढ़ाने की घोषणा हो सकती है. अब तक किसानों के खाते में 6,000 रुपये सालाना भेजा जाता है, जो 3 किस्तों में दिया जाता है. बताया जा रहा है कि आने वाले वित्त वर्ष से यह राशि बढ़ाकर 8,000 रुपये की जा सकती है. इसका मतलब है कि तब किसानों को साल में 2,000 रुपये की चार किस्तें दी जा सकती हैं.