कार–बाइक चलाने वाले दें ध्यान, सरकार 1 अप्रैल से बदलने जा रही यह नियम
सरकार ने मोटर व्हीकल एक्ट में संशोधन किया है. इस सम्बन्ध में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर दिया है. जिससे क्लेम मिलने में आसानी हो सकें. नए नियम 1 अप्रैल 2022 से लागू होगा. मंत्रालय द्वारा जारी किए गए अधिसूचना के अनुसार मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण द्वारा दावों के त्वरित निपटान के लिए विभिन्न हितधारकों के लिए समय-सीमा के साथ सड़क दुर्घटनाओं की विस्तृत जांच, विस्तृत एक्सिडेंट रिपोर्ट और इसकी रिपोर्टिंग की प्रक्रिया को अनिवार्य किया है. इसके अलावा वाहन बीमा के प्रमाण पत्र में मान्य मोबाइल नंबरों को शामिल करना भी अनिवार्य कर दिया गया है.
सड़क दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी दुर्घटना स्थल पर करेंगे निरीक्षण
अधिसूचना के अनुसार सड़क दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी दुर्घटना स्थल पर निरीक्षण करेंगे. हादसा स्थल और दुर्घटना में शामिल वाहन की फोटो लेंगे और एक रिपोर्ट तैयार करेंगे। वहीं जांच अघिकारी अस्पताल में घायलों की फोटोज लेंगे। चश्मदीदों से बात कर पूछताछ भी करनी होगी। अधिसूचना में आगे कहा गया है कि जांच अधिकारी हादसा के 48 घंटों के अंदर दावा न्यायाधिकरण को दुर्घटना की सूचना फॉर्म I में पहली एफएआर जमा करके देगा।
वेबसाइट पर करना होगा अपलोड
वहीं फॉर्म I की एक प्रति पीड़ित, राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण, बीमाकर्ता को प्रदान की जाएगी. अगर उपलब्ध हो तो इसे प्रदेश पुलिस की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा. अधिसूचना में कहा गया, 'आईओ को दुर्घटना के 10 दिनों के भीतर पीड़ित या उनके कानूनी प्रतिनिधियों को विवरण प्रस्तुत करना होगा.' साथ ही फॉर्म II की एक प्रति भी दाखिल करेगा.
जांच अधिकारी एक्सिडेंट में शामिल वाहन चालक को फॉर्म III की एक खाली प्रति प्रदान करेगा. चालक को 30 दिनों के भीतर फॉर्म III में प्रासंगिक जानकारी भरकर देनी होगी.