तैयार हुई मर्दों के लिए गर्भनिरोधक दवा ,काम कैसे करती है जान लीजिए
वैज्ञानिकों की एक टीम ने मर्दों के लिए गर्भनिरोधक दवा विकसित की है. वैज्ञानिकों का दावा है कि यह 99 फीसदी तक असरदार है और अब तक इसके कोई साइड इफेक्ट सामने नहीं आए हैं.
इस दवा का ट्रायल चूहों पर किया गया है जो सफल रहा है. इस साल के अंत तक इस दवा का ह्यूमन ट्रायल शुरू किया जाएगा. यह दावा अमेरिका की मिन्नेसोटा यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने अपनी हालिया रिसर्च में किया है. इस दवा को जनसंख्या नियंत्रित करने के तरीकों में काफी अहम माना जा रहा है. ह्यूमन ट्रायल सफल होने के बाद इसका इस्तेमाल पुरुष कर सकेंगे.
साइंस अलर्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, शोधकर्ता मोहम्मद अब्दुल्लाह अल नोमान का कहना है, यह एक हॉर्मोंन रहित दवा है. शरीर की कोशिकाओं में वृद्धि करने, शुक्राणुओं का निर्माण करने और भ्रूण के विकास में रेटिओनिक एसिड की भूमिका अहम होती है. यह विटामिन-ए का ही एक रूप होता है. यह एसिड आरएआर अल्फा नाम के प्रोटीन के साथ मिलकर काम करता है. इसी को दवा का आधार बनाया गया है.
प्रयोग के दौरान पाया गया कि जिन चूहों में आरएआर अल्फा प्रोटीन तैयार करने वाला जीन नहीं था, वो नपुंसक हो गए थे. इसलिए शोधकर्ताओं ने ऐसा कम्पाउंड (वाईसीटी529) तैयार किया जो आरएआर अल्फा प्रोटीन के काम को रोक देता है. वाईसीटी529 ऐसा कम्पाउंड है जो केवल आरएआर अल्फा प्रोटीन से सम्पर्क करता है दूसरे प्रोटीन की कार्यक्षमता पर असर नहीं डालता.
आरएआर अल्फा प्रोटीन के ठीक से काम करने पर शुक्राणुओं के निर्माण पर असर पड़ता है.
इस दवा का ट्रायल चूहों पर किया गया है. जब यह दवा चूहों को खिलाई गई तो देखा गया कि वाईसीटी529 कम्पाउंड के कारण इनमें शुक्राणुओं की संख्या में कमी आ गई और सेक्स के बाद यह गर्भधारण को रोकने में 99 फीसदी तक कामयाब रहीं.
ट्रायल के दौरान यह देखा गया कि इन गोलियों का चूहों पर कोई साइडइफेक्ट तो नहीं हो रहा. इसके लिए रिसर्च में शामिल चूहों के वजन, भूख और उनकी रोजाना की गतिविधियों पर नजर रखी गई. चूहे में किसी तरह का साइडइफेक्ट नहीं देखा गया.
शोधकर्ताओं का कहना है, 4 से 6 हफ्ते बाद जब चूहों को यह दवा देनी बंद कर दी गई तो वो बच्चा पैदा करने में समर्थ हो गए. इस तरह दवा का इस्तेमाल करने के दौरान बर्थ कंट्रोल की जा सकती है और जब बच्चे चाहिए होते हैं तो दवा के इस्तेमाल पर रोक लगानी पड़ती है. शोधकर्ताओं का कहना है, बर्थ कंट्रोल करने के लिए वर्तमान में पुरुष कंडोम का ही सबसे ज्यादा इस्तेमाल करते है, ऐसे में यह दवा उनके लिए असरदार साबित हो सकती है.