जंगली जानवरों से हो रहा फसल को नुकसान लेकिन अब होगी भरपाई ,... - CG Sandesh

जंगली जानवरों से हो रहा फसल को नुकसान लेकिन अब होगी भरपाई , इस का योजना ले लाभ मिलेगा फायदा

देश में खेती- क‍िसानी पर केंद्र सरकार की व‍िशेष नजर है. ज‍िसके तहत केंद्र सरकार की तरफ से कई नई योजनाएं शुरू की गई हैं. वहीं कई पुरानी योजनाओं को सुधार के साथ दोबारा लॉच क‍िया गया है. इसमें से एक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना भी है.

 ज‍िसे 2016 में शुरू क‍िया गया था. इस योजना के बारे में शुक्रवार को कृष‍ि व क‍िसान कल्‍याण मंत्री नरेंद्र स‍िंंह तोमर ने राज्‍यसभा में जानकारी दी है. उन्‍होंने बताया क‍ि PMFBY के तहत राज्‍य सरकारें जंगली जानवरों की तरफ से क‍िए जाने वाले फसल नुकसान को भी शाम‍िल कर सकते हैं.

कृष‍ि मंत्री ने राज्‍यसभा में एक सवाल के जवाब में कहा क‍ि PMFBY राज्‍य सरकारों द्वारा अध‍िसूच‍ित फसलों/क्षेत्रों को बुवाई से कटाई तक प्राकृत‍िक रूप से होने वाली क्षत‍ि को बीमा के रूप में कवर करता है. 

साथ ही उन्‍होंने कहा क‍ि राज्य सरकारों के अनुरोध पर केंद्र सरकार ने राज्यों को अपने स्वयं के खर्च पर राज्य की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, व्यक्तिगत मूल्यांकन पर जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान को एड ऑन कवर के रूप में अधिसूचित करने की अनुमति दी है.

केंद्र व राज्‍य के सब्‍स‍िडी बंटवारे के पैर्टन में संशोधन का कोई व‍िचार नहीं
कृष‍ि व क‍िसान कल्‍याण मंत्री नरेंद्र स‍िंह तोमर ने राज्‍यसभा में एक ल‍िख‍ित उत्‍तर में कहा क‍ि PMFBY के तहत केंद्र और राज्यों के बीच सब्सिडी बंटवारे के पैटर्न को संशोधित करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है.

 उन्‍होंने कहा क‍ि फरवरी 2016 में शुरू की गई PMFBY का उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल के नुकसान का सामना कर रहे किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है. इस योजना को 2020 के खरीफ सीजन (जून-अक्टूबर) से संशोधित किया गया था.

कृष‍ि मंत्री तोमर ने कहा क‍ि सब्‍स‍िडी पैटर्न में संशोधन के तहत उत्तर-पूर्वी राज्यों के लिए सब्सिडी साझा करने के पैटर्न को 50:50 से संशोधित करते हुए 90:10 तक क‍िया गया है. वहीं शेष राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए प्रीमियम शेयरिंग पैटर्न कुछ शर्तों के अधीन 50:50 है. तोमर ने कहा क‍ि फिलहाल, केंद्र और राज्यों के बीच सब्सिडी बंटवारे के पैटर्न को संशोधित करने का कोई प्रस्ताव सरकार के पास विचाराधीन नहीं है.

382 लाख हेक्टेयर सकल फसल क्षेत्र का बीमा हुआ
केंद्रीय कृष‍ि व क‍िसान कल्‍याण मंत्री नरेंद्र स‍िंंह तोमर ने एक अन्‍य सवाल के जवाब में जानकारी देते हुए कहा क‍ि व‍ित्‍तीय वर्ष 2021-22 के तहत 9 मार्च 2022 तक देश के 382 लाख हेक्‍टेयर सकल फसल क्षेत्र का बीमा क‍िया जा चुका है.

वहीं उन्‍होंने हाइड्रोफिलिक फसलों को पीएमएफबीवाई के तहत कवर किया जाता है संबंधी सवाल के जवाब में कहा क‍ि हाइड्रोफिलिक फसलें जहां धान, जूट, मेस्टा जैसी फसलों के लिए पानी का ठहराव आम तौर पर फायदेमंद होता है, केवल स्थानीय बाढ़ के जोखिम के तहत कवर नहीं किया जाता है.


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