बंजर जमीन को उपजाऊ बनने के लिए मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड योजना... - CG Sandesh

बंजर जमीन को उपजाऊ बनने के लिए मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड योजना का ले लाभ ,मिलेगी मदद

देश में जमीन को बंजर होने से बचाने व उत्‍पाद बढ़ाने के ल‍िए केंद्र सरकार कई कदम उठा रही है. ज‍िनकी जानकारी कृष‍ि राज्‍य मंत्री कैलाश चौधरी ने लोकसभा में दी है.देश की जनसंख्‍या में लगातार बढ़ोतरी जारी है.

 वहीं दूसरी तरफ खेती का रकबा लगातार कम होता जा रहा है. ज‍िसके पीछे कई कारण हैं, जि‍समें बंजर होते खेत एक प्रमुख वजह है. ऐसे में सरकार के ल‍िए बंजर होते खेतों  को बचाने और देश-दुन‍िया की भूख म‍िटाने के ल‍िए खाद्यान्‍न उत्‍पादन बढ़ाना एक चुनौती के तौर पर उभरा है.

 इसको लेकर भारत सरकार का कृष‍ि व क‍िसान कल्‍याण मंत्रालय गंभीर है. ज‍िसके तहत मंत्रालय की तरफ से कई कदम उठाए जा रहे हैं. ज‍िनकी जानकारी केंद्रीय कृष‍ि व क‍िसान कल्‍याण राज्‍य मंत्री कैलाश चौधरी ने मंगलवार को लोकसभा में एक सवाल के जवाब में दी है.

खेत को बंजर होने से बचाने व उत्‍पादन बढ़ाने के ल‍िए कृष‍ि मंत्रालय की तरफ से उठाए जा रहे कदमों की जानकारी देते हुए कृषि‍ व क‍िसान कल्‍याण राज्‍य मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा क‍ि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड योजना शुरू की है. इस योजना के तहत बंजर जमीन को कम करने के प्रयास क‍िए जा रहे हैं. उन्‍होंने कहा क‍ि इस योजना के तहत अभी तक 22 करोड़ मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड व‍ितरित क‍िए जा चुके हैं.

फूलपुर सांसद केसरी देवी पटेल मंगलवार को लोकसभा में सवाल पूछा क‍ि कीटनाशकों व उर्वरकों से जमीन को नुकसान होने के साथ ही इससे लोगों की मौत भी हो रही है. उन्‍होंने पूछा क‍ि ग्रामीण क्षेत्रों में ब‍िक रहे उर्वरक व रसायन मानक अनुरूप हैं या नहीं जांचने के ल‍िए कौन सी एजेंसी है? इसका जवाब देते हुए कृष‍ि राज्‍य मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा क‍ि फर्जी खाद को लेकर भारत सरकार गंभीर है. 

उन्‍होंने कहा क‍ि इसके ल‍िए नेशनल एक्‍ट बना है. ज‍िसके तहत हमारे इंस्‍पेक्‍टर छापे की कार्रवाई करते हैं. वहीं उन्‍होंने बताया क‍ि खेतों में रसायन व उर्वरक खाद को न‍ियंत्रि‍त करने के ल‍िए सेंट्रल बोर्ड भी बना हुआ है.

कृष‍ि व क‍िसान कल्‍याण मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा क‍ि खेतों को स्‍वस्‍थ्‍य रखने के ल‍ि‍ए क‍िसानों को खाद के बारे में जागरूक भी क‍िया जा रहा है. वहीं उत्‍पादन बढ़ाने व बंजर जमीन को कम करने के ल‍िए एग्री क्‍ल‍िन‍िक भी बनाए हैं, साथ ही गांव के अंदर जांच केंद्र भी स्‍थाप‍ित क‍िए गए हैं. उन्‍होंने कहा प्राकृत‍िक व जैव‍िक खेती को बढ़ावा देने के काम का भी सरकार कम कर रही है.


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