जब कही अचानक लग जाए आग तो क्या करें, किन नंबरों पर करें फोन ... - CG Sandesh

जब कही अचानक लग जाए आग तो क्या करें, किन नंबरों पर करें फोन ... पढ़े पूरी जानकारी

दिल्ली के न्यू अशोकनगर स्थित एक इमारत में मंगलवार की दोपहर आग लग गई. कुछ घंटे के भीतर आग पर काबू पा लिया गया. पिछले कुछ महीनों में दिल्ली-एनसीआर में अगलगी की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं. 

आए दिन कहीं न कहीं मकान-दुकान, दफ्तर या अन्य जगहों पर आग लगने की खबरें आती रहती हैं. खासकर गर्मी के दिनों में अगलगी की घटनाएं होती रहती हैं. ऐसे में समय पर फायर ब्रिगेड यानी अग्निशमन विभाग  की गाड़ी पहुंच जाए तो जान-माल के नुकसान से काफी हद तक बचा जा सकता है. दमकल विभाग की गाड़ी जितनी जल्दी पहुंचेगी, नुकसान उतना ही कम होगा.

आग लगने के सामान्‍य कारणों के बारे में इस ग्राफिक्‍स में आप पढ़ सकते हैं. फायर ब्रिगेड की मदद कैसे ली जाए, किस नंबर पर कॉल किया जाए… इन सब बातों की जानकारी होनी जरूरी है.

 तभी आप अपने पड़ोसी और जानकारों की भी मदद कर सकते हैं. जिस तरह पुलिस की मदद के लिए एक इमरजेंसी नंबर होता है- 100, इस नंबर पर डायल करने के बाद आपको पुलिस की मदद मिल जाती है.इसी तरह फायर बिग्रेड के लिए भी एक यूनिवर्सल नंबर होता है- 101. इस नंबर पर कॉल करने से फायर ब्रिगेड की टीम पहुंच जाती है. 

जानकारी के मुताबिक, देशभर में आपातकालीन घटनाओं से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने ‘एक देश एक आपातकालीन नंबर’ 112 लॉन्च किया है. आप चाहे देश के किसी भी हिस्से में रहते हों, इस नंबर पर डायल करने से आपातकालीन स्थिति में पुलिस, फायर ब्रिगेड और मेडिकल… आपको हर तरीके की मदद मिलेगी. यह सेवा 24×7 काम करेगी. आपातकालीन नंबर 112 के जरिए आप ऑन द स्पॉट फायर ब्रिगेड, पुलिस और मेडिकल सहायता सकते है.

क्या है 112 नंबर?....... यह एक यूनिवर्सल आपातकालीन नंबर है, जो इमरजेंसी के समय देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लोग कॉल कर सकते हैं और मदद मांग सकते हैं. आप अपने मोबाइल नंबर या फिक्स्ड लैंडलाइन नंबर पर कॉल कर सकते हैं. इस यूनिवर्सल इमरजेंसी नंबर पर मुफ्त कॉल किया जा सकता है. आप जिस राज्य में हैं वहां की भाषा में बात कर सकते हैं या फिर आप हिंदी या अंग्रेजी में मदद मांग सकते हैं.

अब आप सोचेंगे कि पुलिस के 100 नंबर, फायर ब्रिगेड के लिए 101 और एंबुलेंस के लिए 102 नंबर पहले से मौजूद है तो फिर यूनिवर्सल नंबर 112 की क्या जरूरत? दरअसल, दुनिया के कई देशों में खासकर अमेरिका, कनाडा और यूरोप के देशों में आपातकालीन सेवा के लिए 112 नंबर यूज में आता है, जिसके चलते ज्यादातर मोबाइल हैंड सेट में 112 नंबर इमरजेंसी कॉल के लिए फीड रहता है. इसी को ध्यान में रखते हुए ट्राई ने 2015 में 112 नंबर को इमरजेंसी कॉल के लिए अधिकृत किया.

112 एक टोल फ्री नंबर है. आप किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेशों से अपने मोबाइल फोन से आपातकालीन नंबर 112 पर कॉल कर सकते हैं. यहां तक कि मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध न होने पर भी आप अपने मोबाइल फोन से आपातकालीन नंबर 112 पर कॉल कर सकते हैं. 

यह नंबर आपके मोबाइल में पहले से फीड रहता है. आप देश में कहीं भी हों, 112 डायल कर सकते हैं. इस पर डायल करने से भी कॉल वहीं पहुंचता है, जहां 101 डायल करने पर पहुंचेगा. यानी फायर ब्रिगेड के पास. 

आग लगने पर मदद कैसे ली जाए, ये तो आप समझ गए होंगे! अब बात करते हैं कि अगलगी की घटनाएं कैसे रोके जा सकती है? इसके लिए हर बिल्डिंग में फायरे सेफ्टी के इंतजाम पूरे होने चाहिए. समय-समय पर फायर सेफ्ट्री ड्रिल होनी चाहिए.

 सीढ़िया साफ-सुथरी और खाली होनी चाहिए, ताकि घटना के समय आसानी से निकला जा सके. घनी आबादी वाली जगह या कॉम्प्लेक्स में ज्वलनशील पदार्थ नहीं होने चाहिए. हर बिल्डिंग में फायर अलार्म होने चाहिए ताकि लोगों को समय से अलर्ट किया जा सके.


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