छत्तीसगढ़ में बढ़ी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा कराने की समय सीमा, यह है आखिरी तारीख
देश के किसानों को फसल क्षतिपूर्ति का मुआवजा देने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना चलायी जा रही है. हालांकि अभी भी देश के कई ऐसे राज्य हैं जिन्होंने खुद को इस योजना से बाहर रखा है.
हालांकि छत्तीसगढ़ के किसान इस योजना का लाभ ले सकते हैं. प्रदेश सरकार के अनुरोध पर केंद्र सरकार ने खरीफ सीजन 2022 किए पीएमएफबीआई के तहत किसानों को आवेदन जना करने की आखिरी तारीख बढ़ाकर 31 जुलाई कर दी है.
इसका मतलब अब 31 जुलाई तक छत्तीसहढ़ के किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत योजना का लाभ ले सकते हैं. इससे खरीफ सीजन के दौरान हुए फसलों का क्षति का मुआवजा लेने के हकदार होंगे.
इससे पहले राज्य में पीएमएफबीवाई के तहत आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 15 जुलाई थी. कृषि एवं किसान कल्याण ने इस संबंध में जानकारी देते हुए छत्तीसगढ़ कृषि उत्पादन आयुक्त को पत्र भेजा है.
योजना के तहत अंतिम तारीख बढ़ाए जाने के बाद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य के किसानों से अपील करते हुए कहा है कि जो भी किसान इस योजना के तहत अपना आवेदन जमा नहीं कर पाए हैं वो जल्द से जल्द योजना का लाभ लेने के लिए अपना नामांकन करा लें.
छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत तिथि बढ़ाए जाने के बाद अब अधिक से अधिक किसान अपना नामांकन करा सकते हैं. प्रदेश के किसान 31 जुलाई तक अपने खरीफ फसलों का बीमा सका सकेंगे.
पीएमएफबावाई इस योजना में धान (सिंचित), धान (असिंचित), मक्का सहित फसलों का बीमा शामिल है. सोयाबीन, मूंगफली, ‘मूंग’, ‘उड़द’ और ‘तूर’ (अरहर)। गैर-ऋणी किसान जो भूमिधारक और बटाईदार हैं, वे भी योजना का लाभ उठा सकते हैं. योजना के तहत कवर किए गए जोखिमों में गैर-रोकथाम योग्य जोखिमों, फसल के बाद के नुकसान और स्थानीय आपदाओं (व्यक्तिगत कृषि आधार) के कारण उपज हानि शामिल है. दावा राशि का भुगतान योजना के प्रावधान के अनुसार किया जाएगा.
अपने नजदीकी बैंक या इन जगहों पर करें संपर्क
अधिसूचित फसलों का बीमा कराने के इच्छुक किसान 31 जुलाई 2022 तक अपने नजदीकी बैंक या लोक सेवा केंद्र या बीमा कंपनी या ग्रामीण डाकघर से संपर्क कर सकते हैं. खरीफ फसलों के बीमा के लिए किसानों को प्रीमियम राशि का 2 प्रतिशत और बागवानी के बीमा के लिए भुगतान करना होगा.
इसके बाद फसल नुकसान होेने पर किसानों को बीमा योजना के तहत पैसे मुआवजा दिया जाता है. अनाज के अलावा किसान बागवानी और सब्जियों का भी बीमा करा सकते हैं. गौरतलब है कि इस योजना से खुद को बाहर कर चुके राज्य भी अब योजना के खुद को जोड़ रहे हैं.