फेस्टिव सीजन में 3 रु तक सस्ता होगा पेट्रोल और डीजल, 6 महीने में 34% टूट चुका है क्रूड
इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड की कीमतों में गिरावट जारी है. ओपेक देशों द्वारा उत्पादन घटाने के निर्णय के बाद भी ब्रेंट क्रूड में कमजोरी आई है. मंदी के चलते मांग घटने की आशंका से क्रूड की कीमतों पर दबाव बना हुआ है. इस साल क्रूड अपने हाई से करीब 34 फीसदी सस्ता हासे चुका है. एक्सपर्ट इससे घरेलू स्तर पर तेल की कीमतों में राहत के रूप में देख रहे हैं. उनका कहना है कि महंगाई को देखते हुए सरकार इस फेस्टिव सीजन पेट्रोल, डीजल पर 2 से 3 रुपये प्रति लीटर की कटौती कर सकती है.
मंदी की आशंका में टूट रहा है क्रूड
क्रूड में गिरावट बनी हुई है. इस साल 8 मार्च को क्रूड 139 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया था. अभी यह 92 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है. यानी इसमें 6 महीने में करीब 34 फीसदी कमजोरी आ चुकी है. यूरोप के कई देश, चीन में अर्थव्यवस्था पर दबाव है. चीन के कई शहरों में कोविड 19 के चलते लॉकडाउन जैसे हालात हैं. इन देशों में लेटेस्ट डाटा बहुत ज्यादा उम्मीद जगाने वाले नहीं हैं. दूसरी कई अन्य बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में भी अभी अनिश्चितता बनी हुई है. ऐसे में डर है कि आगे क्रूड की डिमांड कमजोर रह सकती है.
IIFL के VP-रिसर्च अनुज गुप्ता का कहना है कि इस साल क्रूड में अपने हाई से अच्छी खासी गिरारवट आ चुकी है. मंदी की आशंका में कीमतों में नरमी बनी हुई है. डबल्यूटीआई क्रूड भी 85 डॉलर के आस पास तक टूट चुका है. क्रूड में गिरावट फिलहाल देश की इकोनॉमी के लिए बेहतर संकेत है. सरकार इस फेस्टिव सीजन आम लोगों को तेल पर राहत दे सकती है. उनका मानना है कि पेट्रोल और डीजल में 2 से 3 रुपये प्रति लीटर की कमी आ सकती है. उनका कहना है कि महंगाई भी पहनले से अब कंट्रोल में है. यह 7 फीसदी के नीचे बनी हुई है.