बसना : भारी वाहनों की लापरवाही से लगातार हो रहे बड़े हादसे
बसना नगर से
बिलासपुर मार्ग पर लगातार बड़े हादसे होते जा रहे है जिसका कारण सिर्फ और सिर्फ बड़े
वाहनों द्वारा लापरवाही से चलाना है. ट्रकों द्वारा मानवीयता भूल कर बड़ी तेजी से
इस सड़क पर वाहन को चलाया जाता है. जिसके चलते ट्रकों की चपेट के आकर कई लोग मौत के
घाट उतर चुके है. वहीँ प्रशासन द्वारा वाहन की गति को नियंत्रित करने हेतु कोई भी संकेतक
बोर्ड नहीं लगाया जा रहा है.
गौरतलब हो कि पिछले कई महीनों में इस सड़क पर बहोत से हादसे हो चुके है और लोगों की
जान चली गयी है. इसके बावजूद ट्रक मालिक सिर्फ अपने ही फायदे के लिए इस मार्ग पर
वाहन को गति पूर्वक चलाने हेतु अपने चालकों को खुली छुट दे देते है ताकि तय समय सीमा
से पहले इनका सामन दूसरी जगह पहुँच सके. इसमें मुख्य रूप से बिलाईगढ से बसना तक
गिट्टी लाने ले जाने का कार्य किया जाता है. जो कि झुण्ड के साथ काफी रफ्तार से इस
मार्ग से होकर गुजरते है.

ध्यान देने वाली बात यह भी है कि बसना से 2 किलोमीटर की दुरी पर स्थित ग्राम खेमड़ा में गति नियंत्रित करने हेतु एक अवरोध भी लगाया गया था जो कि आधे हिस्से से टूट चूका है गति में कोई स्तिरथा ना आ जाए इसलिए वाहन बिना ब्रेक लगाये गति अवरोधक के टूटे हुए हिस्से से अपने वाहन को ले जाते है. जिसका खामियाजा कई दफा छोटे वाहनों को उठाना पड़ता है. इसके ठीक आगे एक तालाब के पास एक अन्धा मोड़ भी है वहां भी ये चालक अपनी गति नियंत्रित करते नजर नहीं आते.
इसकी खामियाजा भुगतना पड़ा आज पिरदा के निवासी मुकेश देवांगन और उसके साथी त्रिलोचन प्रधान को इस हादसे में मुकेश देवांगन की मौत हो गयी जबकि त्रिलोचन प्रधान गंभीर रूप से घायल हो गए है. यह घटना आज सुबह 10 बजे की है बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार डम्फर गड्डे को बचने के चक्कर में यह हादसा कर बैठा और वाहन छोड़ वहीँ फरार हो गया. वहीँ मौके पर पुलिस पहुँच कर घायल को अस्पताल भेज दी.
ज्ञात हो कि 1 वर्ष पूर्व इस सड़क के रिपेयर का कार्य कराया गया है जिसके बावजूद इस सड़क पर बड़े-बड़े गड्डे हो गए है. जिसके चलते भी अक्सर लोग दुर्घटना का शिकार होते जा रहे है.