ज्यादा देर तक ईयरफ़ोन के इस्तेमाल से होते हैं ये बड़े नुकसान
कुछ लोग कई घंटों तक इयरफोन का इस्तेमाल करते हैं. इसके कई गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं. ईयर फोन के इस्तेमाल से आपके कान और दिमाग क्षतिग्रस्त हो सकते हैं. इसके अलावा और भी कई दूसरी बीमारी होने का खतरा रहता है.
बहरापन-लंबे वक्त तक ईयर फोन के इस्तेमाल से आप बहरेपन के भी शिकार हो सकते हैं. दरअसल देर तक एयर फोन लगाए रखने से कानों की नसों पर दबाव पड़ने लगता है जिससे नसों में सूजन की समस्या बढ़ जाती है. वाइब्रेशन की वजह से हियरिंग सेल्स अपने संवेदनशील तक होने लगता है जिससे आप बहरे भी हो सकते हैं.एक स्टडी के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति 2 घंटे से ज्यादा समय के लिए 90 डेसीबल से अधिक आवाज में गाना सुनते हैं तो वह बहरेपन का शिकार होने के अलावा कई और बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं. दरअसल कानों की सुनने की क्षमता सिर्फ 90 डेसीबल होती है जो लगातार गाने सुनने से समय के साथ 40 से 50 डेसीबल तक कम हो जाती है, जिसकी वजह से व्यक्ति को दूर की आवाज सुनाई नहीं देती
दिमाग को नुकसान-लंबे वक्त तक ईयर फोन का इस्तेमाल करने से दिमाग पर प्रभाव पड़ता है. ईयर फोन या हेडफोन से निकलने वाली इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव्स हमारी दिमाग को बुरी तरह से प्रभावित करती है. इसके अलावा तेज म्यूजिक की वजह से दिमाग की कोशिकाओं की ऊपरी लेयर नष्ट हो जाती है जिससे कान और दिमाग का कनेक्शन कमजोर हो जाता है.
सिर दर्द- ईयर फोन से निकलने वाली विद्युत चुंबकीय तरंगों की वजह से व्यक्ति के दिमाग पर बुरा असर पड़ता है, जिस वजह से उसे सिर में दर्द या नींद ना आने की समस्या होने लगती है.
टिनिटस - टिनिटस की समस्या भी हो सकती है.ये एक ऐसी बीमारी है जिसमें लगातार कानों के अंदर सीटी बजने या हवा चलने जैसी अवाजें आती है. ये आवाज कानों के सबसे अंदरूनी हिस्से में मौजूद कॉक्लिया सेल्स के नष्ट होने की वजह से आती है.
इंफेक्शन- जब हम कानों में लगातार ईयर फोन लगाते हैं तो उनके ब्लॉब में कानों का वैक्स और दूसरी गंदगी फंसी रहती है. लगातार बिना साफ किए ईयर फोन का इस्तेमाल करने से यह कानों के अंदर फंगल और बैक्टीरियल इंफेक्शन पैदा कर सकती है. इसके अलावा कई बार ईयर फोन की अदला-बदली भी होती है जिस वजह से भी इंफेक्शन का खतरा बना रहता है.