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गाँव वाले रोजमर्रा की चीजों पर शहर के लोगों से ज्यादा करते हैं खर्च - रिपोर्ट

एक रिपोर्ट में खुलाशा हुआ है की गाँव वाले अपने रोजमर्रा की चीजों में शहर वालों से अधिक खर्च करते हैं. हाल ही में ICICI Direct रिपोर्ट की जांच में इस बात का खुलासा हुआ है. रिपोर्ट के आंकड़े बेहद चौंकाने वाले हैं. खर्च करने के नाम पर गांव के लोग शहरों के लोग से कई गुना ज्यादा आगे हैं. इसको आप ऐसे ही समझ लीजिए कि एक शहर का व्यक्ति खाने-पीने और रहने के ऊपर अपना 57.68 फीसदी खर्च करता है. वहीं, गांव का शख्स सिर्फ खाने-पीने पर 54 फीसदी तक खर्च करते हैं. जो उनकी सैलरी के आधे से भी ज्यादा है.

आंकड़ों के मुताबिक, गांव के लोगों का हेल्थ का खर्चा प्रायोरिटी नहीं है. वो इसपर बहुत ही कम खर्च करते हैं. बात चाहें डेली गाड़ी में पेट्रोल भराने की हो या कपड़े, खाने की. गांव के लोगों का खर्च करने का आंकड़ा काफी ज्यादा है. आईये जानते हैं गांव के लोग शहरों के मुकाबले अपने कपड़े, तेल से लेकर हेल्थ पर अपनी सैलरी का कितना खर्च कर देते हैं.

CICI Direct रिपोर्ट के मुताबिक, शहरों के लोग अपने कपड़ों पर बहुत ही मामूली खर्च करते हैं. जबकि गांव का व्यक्ति जिसकी सैलरी भी शहर के मुकाबले काफी कम होती है वो अपने कपड़े पर 7.36 फीसदी तक खर्च देते हैं. वहीं शहरी अपने कपड़ों पर 5.57 फीसदी पैसा खर्च करना प्रेफर करते हैं.

आप रिपोर्ट के आंकड़े हेल्थ खर्च पर देखेंगे तो आपके होश ही उड़ जाएंगे. जी हां, गांव के लोगों का ज्यादातर खर्चा खाने-पीने और घूमने पर होता है. हेल्थ जो सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है उसपर गांव के लोग महज 4 .81 फीसदी ही खर्च करते हैं. ये आंकड़ा शहरों के मुकाबले काफी कम है. शहर के लोग अपनी हेल्थ पर 6.83 फीसदी पैसा खर्च करना ठीक समझते हैं.

रहने, खाने-पीने की बात तो हो गई. अब देखते हैं गांव के लोग पेट्रोल पर कितना रुपये अपनी सैलरी से खर्च करते हैं. घुम्मकड़ी में गांव के लोग शहरों को पछाड़ते नजर आ रहे हैं. गांव के लोग पेट्रोल-डीजल यानि फ्यूल पर अपनी सैलरी का 7.94 फीसदी उड़ा देते हैं. वहीं, शहरी फ्यूल पर 5.58 फीसदी ही खर्च करते हैं.


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