इन बैंकों पर RBI ने लगाया करोड़ों का जुर्माना
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कुछ नियामकीय नियमों के उल्लंघन के लिए निजी क्षेत्र के आईसीआईसीआई बैंक पर 12.19 करोड़ रुपये और कोटक महिंद्रा बैंक पर 3.95 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है. RBI ने मंगलवार को बयान में कहा कि आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) पर उसने यह जुर्माना कर्ज एवं अग्रिम से संबंधित अंकुशों और धोखाधड़ी वर्गीकरण एवं बैंकों की तरफ से जानकारी देने से संबंधित मानकों के उल्लंघन पर लगाया गया है.
कोटक महिंद्रा बैंक पर क्यों लगा जुर्मना
कोटक महिंद्रा बैंक ने आरबीआई की रिकवरी एजेंट, बैंक के अंदर कस्टमर सर्विस, फाइनेंशियल सर्विसेस की आउटसोर्सिंग में जोखिम प्रबंधन और आचार संहिता और लोन बांटने से जुड़े गाइडलाइंस का सही से पालन नहीं किया. इसलिए उस पर केंद्रीय बैंक ने जुर्माना लगाया है. बैंक इन सभी गाइडलाइंस को लेकर सालाना समीक्षा करने में विफल रहा है.
कस्टमर्स के कंफर्ट के एक सबसे बड़े मुद्दे पर बैंक का ध्यान गया है. वो ये कि कोटक महिंद्रा बैंक ये सुनिश्चित करने में विफल रहा है कि लोन रिकवरी एजेंट ग्राहकों को सुबह 7 से शाम 7 बजे की सीमा से बाहर कॉल नहीं करें.
ICICI ने नहीं दी फ्रॉड की जानकारी
केंद्रीय बैंक ने आईसीआईसीआई बैंक पर फ्रॉड का क्लासिफिकेशन करने और उसकी जानकारी देने में कोताही बरतने को लेकर जुर्माना लगाया है. आरबीआई का कहना है कि बैंकिंग रेग्यूलेशन एक्ट के तहत उसे इस तरह की कार्रवाई करने की शक्ति मिली हुई है, जिसका इस्तेमाल करते हुए उसने ये कार्रवाई की है.
आईसीआईसीआई बैंक ने ऐसी कंपनियों को लोन दिया है, जिसके डायरेक्टर्स में दो ऐसे लोग शामिल हैं, जो बैंक के बोर्ड में भी शामिल हैं. ये कंपनियां नॉन-फाइनेंशियल प्रोडक्ट सेक्टर में काम करती हैं.