आदिवासी दिवस कार्यक्रम में संजय सिंह का मोदी सरकार पर हमला, पेसा कानून और हसदेव को लेकर उठाए सवाल
गरियाबंद : आदिवासी दिवस के अवसर पर गरियाबंद में आयोजित कार्यक्रम में आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आदिवासी प्रतिनिधित्व, पेसा कानून, हसदेव अरण्य और नीट पेपर लीक समेत कई मुद्दों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए।
संजय सिंह ने कहा कि देश में करीब साढ़े 10 करोड़ आदिवासी आबादी होने के बावजूद सुप्रीम कोर्ट में आदिवासी समाज से केवल एक जज होने की बात सामने आती है। उन्होंने दावा किया कि अब तक किसी आदिवासी को भारत रत्न नहीं दिया गया है। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा समेत आदिवासी महापुरुषों को भारत रत्न दिए जाने की मांग की।
हसदेव और पेसा कानून को लेकर सरकार पर आरोप
संजय सिंह ने छत्तीसगढ़ में पेसा कानून के कथित उल्लंघन का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि हसदेव क्षेत्र में अडानी समूह को करीब साढ़े चार लाख पेड़ काटने की अनुमति दी गई है। उन्होंने हसदेव को छत्तीसगढ़ का फेफड़ा बताते हुए आदिवासी हितों और पर्यावरण संरक्षण पर चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि पेसा कानून के तहत आदिवासी क्षेत्रों में ग्रामसभा और पंचायत की भूमिका महत्वपूर्ण है। संजय सिंह ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार उद्योगपतियों और केंद्र सरकार के दबाव में काम कर रही है।
नीट पेपर लीक को लेकर भी साधा निशाना
कार्यक्रम के दौरान संजय सिंह ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि पेपर लीक से बड़ी संख्या में छात्र प्रभावित हुए और कई छात्रों ने अपनी जान गंवाई। उन्होंने री-एग्जाम में बड़ी संख्या में छात्रों के शामिल नहीं होने और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांगों को लेकर भी सरकार की आलोचना की।
संजय सिंह ने कहा कि आने वाले समय में वे आदिवासी समाज के मुद्दों को राज्यसभा में प्रमुखता से उठाएंगे और आदिवासियों के अधिकारों की लड़ाई में उनके साथ खड़े रहेंगे।
कार्यक्रम में विधायक जनक ध्रुव और छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के अमित बघेल सहित अन्य लोग मौजूद रहे।