तीन वर्ष पुर्व आत्महत्या की जांच का खुलासा,मृतक की पत्नि ही ... - CG Sandesh

तीन वर्ष पुर्व आत्महत्या की जांच का खुलासा,मृतक की पत्नि ही दोषी

बलौदाबाजारः- दिनांक 25/02/2020 को थाना पलारी जिला बलौदाबाजार ने मृतक यशवंत राम गिलहरे की पत्नि को सारे साक्ष्य के आधार पर दोषी मानतें हुए  धारा 306 कायम किया गया।
यशवंत राम गिलहरे ने दि0 15/04/2017 को रात्रि में खाना खाकर अपने कमरे में अकेला सोया था । दिनांक 16/04/2017 को सुबह 9 बजे तक दरवाजा नही खुला अन्दर से बंद कर दिया था । दरवाजा नही खोलने पर दरवाजा तोडकर देखा तो यशवंत राम ने कमरे के अन्दर काड़ में प्लास्टिक रस्सी से फांसी लगा लिया । शासकीय अस्पताल पलारी के स्वीपर बसंत कुमार पिता राजकुमार खेदहिया साकिन वार्ड नं 14 द्वारा मृतक यशवंत राम गिलहरे द्वारा मृत्यु पूर्व लिखे सुसाईडल नोट को पेश करने पर दो गवाहों के समक्ष मुताबिक जप्ती पत्रक के जप्त किया गया था। दिनांक 07/03/2018 को मृतक के पुत्र भीखम गिलहरे साकिन छेरकाडीह के पेश करने पर मृतक का मृत्यु पूर्व किया गया लेख जप्त किया गया था। दोनो लिखावट छत्तीसगढ शासन रायपुर को परीक्षण हेतु भेजा गया था जिसकी परीक्षण उपरांत रिपोर्ट छत्तीसगढ शासन रायपुर से प्राप्त हुआ है जिसमें दोनों लिखावट एक ही व्यक्ति ;मृतक का होना पाया गया है। सुसाईडल नोट में मृतक द्वारा पिछले बहुत दिनों से मेरी पत्नि मेरे साथ झगडा लडाई जुर्म व अत्याचार कर रही है रात दिन मुझे चैन नही है मेरा जीना मुश्किल कर दिया है इसी के चलते मेरा परिवार बेटा बहु छुट गया फिर इसका मन नही भरा अब मुझे सोये नींद में जान से मारने की धमकी देती है मेरा मन फट गया है इस घर में खुद अकेली रहना चाहती है लिख कर हस्ताक्षर किया हुआ है।

भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर

पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


author

पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
अन्य सम्बंधित खबरें