आसियान देशों से दोस्ती पर भारत का जोर
आसियान-भारत के 25 सालों के मजबूत संबंधों की झलक गुरुवार को भारत-आसियान मैत्री शिखर सम्मेलन के दौरान देखने को मिली। सम्मेलन में शामिल नेताओं का स्वागत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गर्मजोशी से स्वागत किया। ये स्वागत सिर्फ रस्म निभाने वाला नहीं था। ये सबूत था भारत-आसियान के संबंधों के मजबूत होते नए दौर का। चेहरे पर खुशी, मन में मजबूत इरादे ये साझा विरासत और साझा लक्ष्य को हासिल करने लिए मिलने वाले हाथ हैं, जो भारत आसियान संबंधों में नई लकीर खींचने का माद्दा रखते हैं।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत-आसियान की साझी विरासत का जिक्र करते हुए कहा कि बेशक संबंधों के 25 साल पूरे हुए हों लेकिन संबंधों की ये यात्रा हजारों साल पुरानी है। समुद्री सुरक्षा सहयोग को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने प्रतिबद्धता दोहराई।
भारत और आसियान को जोड़ने में व्यापार एक अहम कड़ी है। आसियान भारत का चौथा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। आपसी व्यापारिक संबंधों की बढ़ती रफ्तार को लेकर पीएम मोदी ने कहा भारत-आसियान के बीच 25 साल में आपसी व्यापार 25 गुना बढ़ा है और भारत इसको और आगे ले जाने चाहता है।
पीएम मोदी ने कहा कि प्राचीन महाकाव्य रामायण में आसियान और भारतीय उपमहाद्वीप के बीच अहम साझा विरासत रहा है. बौद्ध धर्म हमें भी करीब से बांधे रखता है। दक्षिण पूर्वी एशिया के कई हिस्सों में इस्लाम में विशिष्ट भारतीय संबंध कई सदियों से देखने को मिल रहे हैं। ऐसे में मजबूत होते संबंधों को देखते हुए 2019 को आसियान-भारत पर्यटन वर्ष मनाने का प्रस्ताव रखा।
इसके अलावा पीएम मोदी ने आसियान देशों में डिजिटल माध्यम से आसियान देशों के गांवों के लोगों के जीवन में बदलाव लाने का जिक्र किया।पीएम ने वित्तीय समावेश पर बातचीत का प्रस्ताव दिया. पीएम ने आसियान देशों में भारतीय समुदाय के योगदान की भी तारीफ की. साथ ही आसियान देशों युवाओं को आगे बढ़ाने की बात भी कही।
पीएम मोदी ने कहा कि आसियान नेताओं की एक साथ मौजूदगी ने भारत के सवा सौ करोड़ भारतीयों के दिलों को छुआ है।
आसियान-भारत स्मारक सम्मेलन में सिंगापुर के प्रधानमंत्री ने कहा कि क्षेत्रीय मसलों में भारत की भूमिका खास है साथ ही उन्होंने कहा कि ये मौका व्यापार को बढ़ाने का ऐतिहासिक अवसर है।
आसियान नेताओं ने प्रधानमंत्री के दावोस में दिए गए भाषण की खुले दिल से सराहाना की। आसियान देशों के साथ रिश्तों को मजबूत करने में प्रधानमंत्री मोदी की बड़ी भूमिका है और जिस तरह से आसियान देशों के साथ रिश्ते गहरे हो रहे हैं ये निश्चित तौर पर भविष्य के लिए नई इबारत लिखने वाले साबित होंगे।