गणतंत्र दिवस परेड में नारी शक्ति का डंका - CG Sandesh

गणतंत्र दिवस परेड में नारी शक्ति का डंका

69वें गणतंत्र दिवस पर राजपथ पर आयोजित परेड में महिला वीरांगनाओं ने सभी का दिल जीत लिया. सबके आकर्षण का केंद्र रहा बीएसएफ की सीमा भवानी का दस्ता. साथ ही देश की सांस्कृतिक झलक भी राजपथ पर देखने को मिली.

पूरी परेड का सबसे बड़ा आकर्षण रहा बीएसएफ की सीमा भवानी का दस्ता, जिन्होंने अपने जांबाज करतबों से राजपथ पर बैठे लोगों को दांतों तले उंगली दबाने को मजबूर कर दिया. सीमा सुरक्षा बल के इस महिला दस्ते ने मोटरसाइकिलों पर अद्भुत करतब का प्रदर्शन किया. जिसे देखकर दर्शक काफी रोमांचित हुए.

भारतीय वायु सेना की झांकी में तीन महिला अधिकारियों फ्लाइट लेफ्टिनेंट चंदा, अदिति बाली और अमरदीप कौर ने वायु सेना में महिलाओं की बढ़ती ताकत का एहसास कराया. वहीं बिरला बालिका विद्यापीठ पिलानी की छात्राओं ने मुस्कान अग्रवाल के नेतृत्व में महिला शक्ति का परिचय दिया.

एनसीसी की महिला टुकड़ी ने भी राजपथ पर अपने हौसलों का परचम लहराया. पूजा निकम की अगुवाई में मार्च पास्ट किया गया. वहीं राष्ट्रीय सेवा योजना की 160 सदस्यीय महिला टुकड़ी ने अनु धीमान के नेतृत्व में सलामी दी.

महिला शक्ति के जबर्दस्त प्रदर्शन के बाद राजपथ पर सांस्कृतिक झलकियों की भी एक नहीं कई बानगी दिखी.

इस बार राजपथ पर रेडियो मतलब आकाशवाणी की झांकी सबके आकर्षण का केंद्र रही. साथ ही भारत आसियान संबंधों के 25 साल पूरे होने के मौके पर विदेश मंत्रालय की तरफ से भी एक खास झांकी निकाली गई. इस झांकी में जहां आगे की तरफ नालंदा विश्वविद्यालय को दिखाया गया था, तो वहीं पीछे की तरफ ओडिशा की बाली यात्रा को दिखाया गया.

हर बार की तरह इस बार भी राज्यों की रंगारंग झांकिया निकाली गईं. फिर चाहे बात कर्नाटक की वाइल्ड लाइफ की हो या फिर मध्य प्रदेश की जिसमें बुद्ध को उनके शिष्यों के साथ दिखाया गया. त्रिपुरा,  उत्तराखंड,  जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र की शिवाजी का राजतिलक दिखाती झांकी, लक्षद्वीप, छत्तीसगढ़, केरल, असम और गुजरात की झांकी जिसमें बापू के प्रिय भजन वैष्णव जन तो तेने जे कहिये को बखूबी दिखाया गया.

मंत्रालयों की झांकियां भी काफी दिलचस्प थीं. एक तरफ जहां जनजातीय मंत्रालय की झांकी निकाली गई तो वहीं खेलो इंडिया को प्रदर्शित करते हुए खेल और युवा मामलों के मंत्रालय की झांकी सबके आकर्षण का केंद्र रही.

इस बार जिन बच्चों को वीरता पुरस्कार मिले हैं उन बच्चों ने भी राजपथ पर परेड में हिस्सा लिया और मौजूद लोगों ने उनके साहस का ताली बजाकर स्वागत किया. बच्चों की ही बात करें तो देश के अलग-अलग स्कूलों के 750 बच्चों ने भी रंगारंग कार्यक्रम में हिस्सा लिया मसलन भारत आसियान संबंधों के 25 साल पूरे होने के मौके पर भी बच्चों ने रंगारंग प्रस्तुति दी. भारत के रंग शीर्षक वाले गीत पर भारत के पांच राज्यों- हरियाणा, पंजाब, गुजरात, महाराष्ट्र और बंगाल के लोकनृत्य प्रस्तुत किए गए. इस नृत्य को गणतंत्र दिवस के मौके पर आमंत्रित विभिन्न देशों के अतिथियों और प्रधिनिधियों को समर्पित किया गया.

इन महिला वीरांगनाओं की साहस और देश की सांस्कृतिक विरासत का ये बेजोड़ मेल हिंदोस्तान को आने वाले दिनों में एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा.


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