राष्ट्रपति के अभिभाषण में गांव, ग़रीब, किसान पर ज़ोर
संसद का बजट सत्र सोमवार से शुरू हो गया और जैसी परंपरा है बजट सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ हुई. दोनों सदनों की संयुक्त सभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द ने अपने अभिभाषण में सरकार की तमाम नीतियों और योजनाओं का जिक्र किया, तो साथ-साथ सरकारी योजना के क्रियान्वयन का खाका भी पेश किया. राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण में ग़रीबों, किसानों और महिलाओं के सशक्तिकरण को लक्ष्य बनाकर शुरू की गई. सरकारी योजनाओं के प्रभाव का ज़िक्र किया, तो साथ ही नए भारत के निर्माण का आह्वान भी किया. राष्ट्रपति ने यह बात ख़ासतौर से कही कि नए भारत के निर्माण के लिए सभी दलों को मिलकर काम करना होगा. राष्ट्रपति ने जहां उम्मीद जताई कि तीन तलाक विधेयक जल्द ही कानून बन जाएगा, वहीं उन्होंने विधानसभाओं और लोकसभा के चुनाव एक साथ करवाएं जाने के लिए सभी राजनीतिक दलों में सहमति बनाने का मुद्दा भी उठाया.
सोमवार को राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द के अभिभाषण के साथ ही संसद का बजट सत्र शुरू हो गया. राष्ट्रपति ने संसद के संयुक्त सत्र में अपने संबोधन में सरकार की नीतियों, काम और भावी योजनाओं को पेश किया. राष्ट्रपति ने न्यू इंडिया के सपने का भी जिक्र किया और 2018 को नए भारत के सपने को साकार करने के लिए अहम बताते हुए जनप्रतिनिधियों से देश की विकास की इस महान यात्रा को और गति देने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की.
राष्ट्रपति ने राज्य विधानासभाओं और लोकसभा के चुनाव एक साथ कराने की वकालत करते हुए कहा कि इस विषय पर चर्चा और संवाद बढ़ना चाहिए
राष्ट्रपति ने कहा कि उनकी सरकार गरीबों की पीड़ा महसूस करती है और उनकी योजनाओं से देश में आर्थिक लोकतंत्र और भी सशक्त हो रहा है. उन्होंने जनधन योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इसके तहत अब तक लगभग 31 करोड़ गरीबों के बैंक खाते खोले जा चुके हैं. उन्होंने कहा कि सरकार ने गरीबों और मध्यम वर्ग के लिए विशेषकर स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए बिना बैंक गारंटी कर्ज देने पर जोर दिया है. 'प्रधानमंत्री मुद्रा योजना' के तहत अब तक लगभग 10 करोड़ ऋण स्वीकृत किए गए हैं और 4 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज दिया गया है. राष्ट्रपति ने किसानों की मुश्किलों का समाधान करना और उनके जीवन स्तर को ऊपर उठाने को सरकार की उच्च प्राथमिकता करार दिया.
सरकार के कामों को गिनाते हुए उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आय को 2022 तक दोगुना करने के लिए प्रतिबद्ध है. किसानों को उनकी पैदावार की उचित कीमत मिल सके, इसके लिए देश की कृषि मंडियों को ऑनलाइन जोड़ने का कार्य जारी है. कृषि उत्पादों की बर्बादी न हो, इस उद्देश्य से 'प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना' शुरू की गई है. 'प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना' के तहत किसानों को सस्ती और सरल बीमा सेवा उपलब्ध कराई जा रही है. गरीब महिलाओं को 'प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना' के तहत 3 करोड़ 30 लाख से ज्यादा गैस कनेक्शन दिए जा चुके हैं. बेटियों के साथ भेदभाव ख़त्म करने के लिए सरकार ने 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' योजना शुरू की थी और अब इसका दायरा 161 जिलों से बढ़ाकर 640 जिलों तक कर दिया गया है.
राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार ने गर्भवती महिलाओं के लिए 12 सप्ताह के स्थान पर वेतन सहित 26 सप्ताह की छुट्टी देने का प्रावधान किया गया है. 'भारत नेट परियोजना' के तहत देश की ढाई लाख ग्राम पंचायतों को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है. 'सौभाग्य' योजना के तहत 4 करोड़ गरीबों को बिजली कनेक्शन दिया जा रहा है. 2019 तक देश के प्रत्येक गांव को सड़क संपर्क से जोड़ देने का लक्ष्य रखा गया है. सरकार ने दिव्यांगों के लिए 'दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016' लागू किया है.
उन्होंने कहा कि 'तुष्टिकरण नहीं सशक्तिकरण' के संकल्प के साथ सरकार अल्पसंख्यकों के आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक सशक्तिकरण की दिशा में मजबूती से काम कर रही है. पहली बार पुरुष रिश्तेदारों के बिना 45 साल से ज्यादा आयु की महिलाओं के हज पर जाने की पाबंदी हटा दी गई है. मुस्लिम महिलाओं को आत्मसम्मान के साथ भयमुक्त जीवन जीने के लिए सरकार ने तीन तलाक विधेयक संसद में पेश किया है.
सरकार देश के हर आवासहीन गरीब परिवार को वर्ष 2022 तक घर उपलब्ध कराने के लक्ष्य पर काम कर रही है. 'प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी' के अंतर्गत गरीबों को घर बनाने के लिए ब्याज दर में 6 प्रतिशत की राहत दी जा रही है. गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को स्वास्थ्य की बेहतर और सस्ती सुविधा के लिए कई जरूरी दवाओं और उपकरणों के दाम कम कर दिए गए हैं. यही नहीं प्रधानमंत्री जन औषधि' केन्द्रों के माध्यम से गरीबों को 800 तरह की दवाइयां सस्ती दरों पर दी जा रही हैं.
सरकार, देश में स्कूली शिक्षा और उच्च शिक्षा व्यवस्था को मज़बूत और आधुनिक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. युवाओं के सपने पूरे करने के लिए स्टार्ट अप इंडिया, स्टैंड अप इंडिया, स्किल इंडिया मिशन, मुद्रा योजना जैसे कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं. देश के परिवहन क्षेत्र को तैयार करने और संपर्क बढ़ाने पर कार्य कर रही है. मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड बुलेट ट्रेन का कार्य भी प्रारंभ हो गया है. राजमार्ग क्षेत्र के एक नए वृहद कार्यक्रम 'भारतमाला' को स्वीकृति दी गई है.
सबको कम खर्च पर हवाई यात्रा का लाभ देने के ‘उड़ान' योजना शुरू की गई है. देश के प्रत्येक गांव तथा कस्बे में विद्युत वितरण व्यवस्था मज़बूत करने के लिए लगभग डेढ़ लाख करोड़ रुपये की योजनाएं लागू की गई हैं. 18 हजार गांवों तक बिजली पहुंचाने का कार्य भी पूर्णता की तरफ बढ़ रहा है. 'उत्तर-पूर्व के लोगों की आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है. देश की आंतरिक सुरक्षा में उल्लेखनीय सुधार हुआ है. पूर्वोत्तर में सुरक्षा स्थिति में भी बदलाव आया है. नक्सली-माओवादी हिंसा की घटनाओं में भी कमी आई है. सरकार ने उन लोगों के साथ बातचीत का रास्ता खुला रखा है जो हिंसा छोड़ना चाहते हैं और भारतीय संविधान में आस्था रखते हुए मुख्य धारा से जुड़ना चाहते हैं.
उन्होंने कहा कि धीमी वैश्विक आर्थिक विकास दर के बावजूद भारत की विकास दर प्रभावशाली रही है. पिछले साढ़े तीन वर्षों में मुद्रास्फीति की दर, चालू खाता घाटा और वित्तीय घाटा औसतन कम हुए हैं. विदेशी मुद्रा भंडार 410 बिलियन अमेरिकी डॉलर के स्तर से ऊपर चला गया तो प्रत्यक्ष विदेशी निवेश भी पिछले तीन वर्षों के दौरान 36 बिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 60 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है. सरकार ने स्वतंत्रता के बाद का सबसे बड़ा टैक्स-सुधार ‘गुड्स एंड सर्विस टैक्स’ के रूप में किया है.
सरकार ने बैंकिंग व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक के पूंजी निवेश के साथ सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का रीकैपिटलाइजेशन करने का निर्णय भी किया गया है. भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई जारी है. इसी कड़ी में पिछले एक वर्ष में लगभग साढ़े तीन लाख संदिग्ध कंपनियों का रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा चुका है.
कुल मिलाकर राष्ट्रपति ने साफ कर दिया कि एकात्म मानववाद के प्रणेता, दीन दयाल उपाध्याय के दिखाए रास्ते पर चलते हुए सरकार देश में ऐसी व्यवस्थाएं विकसित कर रही है, जिनसे समाज की आखिरी पंक्ति में खड़े व्यक्ति को भी लाभ हो रहा है.