यूके की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के ग्रह भौतिकविद पैट्रिक इरविन की अगुआई वाली टीम के मुताबिक यूरेनस में जो धुंध की अतिरिक्त परत है वही इस ग्रह के रंग को हलका करने का काम करती है. अध्ययन में बताया गया है कि धुंध की वजह से ही नेप्च्यून की तुलना में यूरेनस के रंग में थोड़ा पीलापन आ जाता है.