अगर यात्रा अति आवश्यक हो तो घी अथवा काजू खाकर यात्रा कर सकते हैं, शुक्रवार को पूर्व दिशा की यात्रा शुभकारी होती है परन्तु उषाकाल में यात्रा नही करनी चाहिए
दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
दिन -- बुधवार / षष्ठी तिथि, शुक्ल पक्ष, कार्तिक मास
मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा नही करनी चाहिए अगर यात्रा अति आवश्यक हो तो घी अथवा गुड़ खाकर
सोमवार को पूर्व दिशा की यात्रा नही करनी चाहिए अगर यात्रा अति आवश्यक हो तो दर्पण देखकर अथवा काजू खाकर यात्रा कर सकते हैं
भगवान शिव सुप्रीम लॉर्ड हैं. जिसके पास ब्रह्मांड को बनाने, उसकी रक्षा करने और बदलने की शक्ति है.
रविवार को पश्चिम दिशा की यात्रा नही करनी चाहिए अगर यात्रा अति आवश्यक हो तो ताम्बूल अथवा चिरौंजी खाकर यात्रा कर सकते हैं,
मान्यता है कि इसी दीये से भाई की आरती उतारकर उसकी लंबी उम्र की कामना की जाती है।
दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
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