आज १७:४२ तक जन्मे शिशुओ का नाम रोहिणी नक्षत्र के तृतीय एवं चतुर्थ चरण अनुसार क्रमशः (वी, वू) नामाक्षर से
दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
वास्तव में वास्तु पुरूष हर मकान का स्वयंभू संरक्षक होता
आज ११:३३ तक जन्मे शिशुओ का नाम भरणी नक्षत्र के चतुर्थ चरण
राशिफ़ल
दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त
श्रीसत्यनारायण व्रत, प्रौष्ठपदी पूर्णिमा व्रत, महालय पितृपक्ष आरम्भ, पूर्णिमा का श्राद्ध आदि।
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