रेवती नक्षत्र के द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ चरण अनुसार क्रमशः (दो, च, ची) नामाक्षर से तथा
उत्तराभाद्रपद नक्षत्र के तृतीय एवं चतुर्थ चरण अनुसार क्रमशः (झ, ञ) नामाक्षर से तथा इसके बाद जन्मे शिशुओ का
रविवार को तुलसी के पौधे को जल देना, स्पर्श करना व उतारना (तोड़ना) नहीं चाहिए, रविवार को लाल
आज 15:11 तक जन्मे शिशुओ का नाम शतभिषा
साल में चार नवरात्रि आते हैं, जिनमें से दो गुप्त नवरात्रि आते हैं। आमतौर पर लोग शारदीय और चैत्र न
गुप्त नवरात्र में दशमहाविद्या की आराधना, उपासना, जप, स्तोत्र एवं श्रीदुर्गा सप्तशती का पाठ करने व विद्वान आचार्य द्वारा कराने से
श्रवण नक्षत्र के तृतीय एवं चतुर्थ चरण अनुसार क्रमशः (खे, खो) नामाक्षर से तथा इसके बाद
मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ) आज आप दिन के आरम्भ से
आज 14:39 तक जन्मे शिशुओ का नाम पूर्वाषाढ़ नक्षत्र के तृतीय एवं
आज 15:21 तक जन्मे शिशुओ का नाम मूल नक्षत्र के तृतीय एवं चतुर्थ चरण अनुसार
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