मृत्यु और विपरीत प्रभाव के बावजूद झोलाछाप से इलाज करा रहे ग्... - CG Sandesh

मृत्यु और विपरीत प्रभाव के बावजूद झोलाछाप से इलाज करा रहे ग्रामीण.

बसना ब्लाक अंतर्गत रुर्बन मिशन के तहत चयनित ग्राम पंचायत चिपरीकोना में ग्रामीण झोलाछाप डॉक्टर से इमरजेंसी में इलाज करते है, यहाँ के ग्रामीणों ने बताया कि बीते तीन वर्षों से यहां महिला स्वास्थ कार्यकर्ता नहीं है और जो पुरुष है वो अक्सर नदारद रहता है जिसके कारण उन्हें काफ़ी परेशानियों का सामना करना पड़ता है.

बुनियादी स्वास्थ सुविधा ना मिल पाने के अलावा यहाँ जंचकी कक्ष होने के बावजूद जचकी के लिए यहाँ से लगभग 30 किलोमीटर की दुरी लोगों को तय करना पड़ता है. चिपरिकोना के अलावा अंचल में बसे खोपला गाँव के ग्रामीण भी इसी उप स्वास्थ केन्द्र पर आश्रित है जिसका लाभ लेने को वे अब तक तरस रहें है.उपस्वास्थ केन्द्र भी नहीं खुलने के कारण क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टर सक्रिय है मगर फिर लोग यहाँ इलाज कराने मजबूर है.

जबकि कुछ दिन पूर्व जिले के कलेक्टर सुनील कुमार जैन ने आदेश जारी करते हुए कहा था कि जिले में अनाधिकृत व्यक्तियों द्वारा चिकित्सा का कार्य किया जा रहा है जिससे कई मरीजों की मृत्यु होने के साथ विपरीत प्रभाव भी देखने को मिला है. उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित किया कि वे विधिक प्रावधानों के अनुसार दल गठित कर ऐसे झोलाछाप डॉक्टरों के विरुद्ध जांच कर आवश्यक कार्रवाई करें.

गाँव की कुछ महिलाएं बताती है कि रात के वक्त स्वास्थ्य कर्मचारियों के कमी के चलते कई महिलाओं को जान भी गवाना पड़ा है, हालाँकि इस बात की जानकारी स्वास्थ विभाग के कर्मचारियों को नही होगी. एक साल पहले भी समाचार पत्र और cgsandesh.com ने इस खबर को प्रमुखता के साथ उठाया था लेकिन स्वास्थ विभाग के उच्च अधिकारियों को स्वास्थ्य केंद्र में इलाज की सुविधाएं नही होने से शायद कुछ फर्क ही नही पड़ता है.

इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.के.परदल ने महिला स्वास्थ कर्मचारी का व्यवस्था करना बसना ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी का कार्य बताया और ब्लाक चिकित्सा अधिकारी को लेटर लिखने कि बात कही गई है.




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