अतिक्रमण बना गाँव के विकास का रोड़ा गोठान के जमीन पर अतिक्रमण... - CG Sandesh

अतिक्रमण बना गाँव के विकास का रोड़ा गोठान के जमीन पर अतिक्रमण हटाने गए सरपंच पुत्र औऱ जनपद सीईओ के ख़िलाफ गाली गलौच का आरोप.

बसना थाना अंतर्गत ग्राम गौरटेक की उलासो सौरा ने महासमुंद के पुलिस अधीक्षक से लिखित में शिकायत कर एक आवेदन प्रस्तुत किया था. जिसमे गौरटेक सरपंच के पुत्र अशोक प्रधान पर मारपीट, गाली गलौच और जान से मारने की धमकी देने की शिकायत की गई थी. सरपंच पुत्र के अलावा बसना के जनपद सी.ई.ओ पर भी गाली गलौच का आरोप लगाया गया था.      

जिस पर बसना पुलिस के कल्याण सोनवानी द्वारा जांच करते हुए पाया गया कि अशोक कुमार प्रधान निवासी ग्राम गौरटेक थाना बसना के द्वारा शिकायतकर्ता के घर घुसकर गाली गलौच करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई है जबकि मारपीट जैसे कोई बाद सामने नहीं आई इसके अलावा जनपद पंचायत बसना के सी. ई. ओ. द्वारा किसी प्रकार की गाली गलौच की बाद सामने नहीं आई. और धारा 294, 506, 451 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है.

लेकिन जब मामले की तहकीकात की गई तो पता चला कि यह मामला राजस्व विभाग का है जहाँ अतिक्रमण के जमीन को लेकर विवाद हुआ था. दरअसल महासमुंद कलेक्टर ने राज्य शासन के महत्वकांक्षी योजना नरवा, गरूवा, घुरवा अउ बारी योजना के तहत जिला के 82 ग्राम पंचायत में गोवंश और उनके संरक्षण में बनाये जा रहे जिसमे ग्राम पंचायत गौरटेक का नाम भी शामिल है जहाँ गौठान बनाया जाना बाकी है.

इस गौठान को बनाने के लिए लगभग 3 एकड़ भूमि की आवश्यकता ग्राम पंचायत गौरटेक में थी लेकिन जब इस भूमि के निरिक्षण और समतलीकरण के लिए शासकीय भूमि पर जनपद सी.ई.ओ. बसना द्वारा पंहुचा गया और जेसीबी से समतलीकरण की प्रक्रिया शुरू करनी चाही तो तभी विवाद उत्पन्न हो गया.

गाँव के सरपंच ने बताया कि पहले गांव के आस-पास करीब 250 एकड़ घास जमीन पर किसानों का अवैध रूप से कब्ज़ा था, जिस पर कई बैठकों के बाद बांध बनाने में सहमति बनी और किसानों की लागत से बांध का निर्माण करवाया गया, मगर गाँव में आज भी कई ऐसे शासकीय जमीन पड़े है जिन पर लोगों के द्वारा अतिक्रमण किया गया है.

गाँव में भी करीब 59 ग्रामीणों ने शासकीय भूमि पर काबिज होने की वजह से प्रदेश में भूपेश सरकार आने के बाद कब्जाधारी भूमिहिनों को भूस्वामी हक प्रदान करने के लिए मांग की गई है. यह शिकायत और मांग छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से प्रदेश कांग्रेस जनससमया निवारण एवं पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश महामंत्री नरेन्द्र कुमार यादव के नेतृत्व में ज्ञापन देकर की थी.

फिलहाल गाँव के सरपंच का कहना है कि जमीन विवाद के चलते गौठान बनाने की प्रकिया शुरू ही नहीं हो पाई है.

वहीं सरपंच के पुत्र अशोक प्रधान का कहना है कि मुझ पर झूठा आरोप लगाकर फ़साने की साजिश की जा रही है. मैंने शिकायतकर्ता का घर कभी देखा ही नहीं है, यह मामला राजस्व का है, इसे पुलिस में ले जाकर मुझे ब्लैकमेल कर गोठान के जमीन को हड़पने की साजिश की जा रही है. 


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