112 बनी संजीवनी ! घायलों से लेकर शराब प्रेमिओं को भी पहुँचा ... - CG Sandesh

112 बनी संजीवनी ! घायलों से लेकर शराब प्रेमिओं को भी पहुँचा रही अस्पताल.

सितंबर 2018 में महासमुंद के तत्कालीन सांसद चंदुलाल साहू द्वारा हरी झंडी दिखाकर 112 को रवाना किया था. जिसमे जिले को कुल 14 गाड़ियां मिलने के साथ जिले के सभी थानों के लिए 112 की सुविधा उपलब्ध हो गई.

महासमुंद पुलिस अधीक्षक द्वारा मास्टर ट्रेनर मनोज डडसेना को जिले भर में इस आपातकालीन सुविधा के बारें में लोगों को समझाने की जिम्मेदारी दी गई. बहोत ही कम समय में यह आपातकालीन सुविधा अब लोगों के दिमाक में बैठ चूका है. जिस काम के लिए पहले छत्तीसगढ़ में 108 को याद किया जाता था, उसके बजाय अब लोग 112 की मद्दद लेने लगे है. 112 आने के बाद से मानों 108 तो गायब ही हो गया हो.

वहीं स्वास्थ विभाग द्वारा आपातकालीन सुविधाओं के लिए जितनी भी 108 जिले को मिली है, उनमे से कुछ रायपुर गई होती है कुछ बिगड़ गई होती है. इसके चलते कई बार जिले में गंभीर रूप से घायल लोगों को भी 112 अस्पताल तक पंहुचाती है. मगर कई बार मरीजों को 112 में ले जाना इतना दर्दनीय महसूस होता है कि असंभव सा प्रतीत होता है बावजूद इसके कोई रास्ता नजर नहीं आता.

जहाँ 108 दुर्घटनाओं में भी मौजूद नहीं रहती तो वहीं 112 दुर्घटनाओं में शिकार व्यक्ति को अस्पताल तक लाने के बाद गाँव के अन्य कई मामले पुलिस थाने तक लाके सुपुर्द करती है. जिसमे गाली गलौच से मारपीट और अवैध शराब बेचने के मामले भी शामिल है.

यहाँ तक की अब सड़कों में शराब पीकर सोने वालों के ख़िलाफ भी शिकायत करने पर 112 आकर उठा के ले जाकर अस्पताल छोड़ रही.है. जो कि तारीफ ए काबिल है.

बसना के खटखटी मार्ग में एक युवक सुबह से शराब सेवन कर रोड किनारे पड़ा हुआ था, युवक इतना अधिक शराब सेवन कर लिया था कि सुबह से दोपहर 2 बजे तक उठ नही पा रहा था जिसके चलते मोहल्ले वालो ने 112 डायल कर सहायता मांगी.

जब 112 आया तो एम्बुलेन्स कॉल करने का निर्देश दिया गया क्योकि उस व्यक्ति का हालत बहुत खराब था. मगर जब 108 पर फोन लगाया गया तब पता चला कि बसना का एम्बुलेन्स किसी मरीज को रायपुर लेकर गया है. तो वही सरायपाली एम्बुलेन्स खराब है फिर शराबी को 112 के मदद से अस्प्ताल पहुँचाया गया.

बसना थाना प्रभारी राजेश खुटेश्वर ने बताया किआपातकालीन सेवाओं के लिए हेल्पलाइन के कई नंबर चल रहे हैं. यदि पुलिस से तात्कालिक सहायता लेनी हो तो 100, आग लग जाय तो फायरब्रिगेड को बुलाने के लिए 101, दुर्घटना हो जाने पर एम्बुलेंस बुलाने के लिए 102 व 108 नंबर उपलब्ध है. इसी प्रकार अन्य समस्याओं के लिए अलग-अलग नंबर मौजूद है. मगर 112 एमरजेंसी रिस्पोंस व्हीक्ले (ERV) है जो तीनों तरह की साहयता आपातकालीन स्थिति में करती है. उन्होंने बताया कि बसना थाना अंतर्गत 112 के लिए हमेशा 4 स्टाफ मौजूद रहते है जिनको ड्यूटी 8-8 घंटे के हिसाब से 3 पाली में काम करना होता है.



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