विडियो : अनुराग ने ली प्रधानमंत्री पद की शपथ.
आप भी सोच में पड़ गए ना की आखिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की जगह अचानक कैसे अनुराग प्रधानमंत्री बन गया आईए बताते है की आखिर कैसे अनुराग प्रधानमंत्री बना औऱ इसकी वजह क्या है.
दरसल मानव संसाधन विकास विभाग के निर्देश पर शैक्षणिक गुणवत्ता मिशन कार्यक्रम के तहत प्रदेश के समस्त सरकारी विद्यालयों में बाल संसद का गठन होता हैं. इस संसद के माध्यम से सुशिक्षित समाज निर्माण के लिए विद्यालय के बच्चे अपने विद्यालय, समाज, परिवार, स्वास्थ्य, शिक्षा, कला संस्कृति के अलावा अपने अधिकारों पर खुलकर बातें करते हैं. ग्राम प्रधानों एवं समितियों के सहयोग के द्वारा अगर इस कार्यक्रम का सही क्रियान्वयन हो तो तस्वीर बदल सकती है.
इसी जागरूकता अभियान को सुचारू रूप से संचालन करते हुए बसना ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पँचायत करनापाली के स्कूल में बाल सांसद का गठन किया गया. 11 जुलाई को को शास. प्राथ. विद्यालय करनापाली, संकूल केंद्र बड़े साजापाली, वि.खं. बसना, जिला महासमुंद(छ.ग.) में शालेय कार्य को सुचारु रूप से संचालन करने हेतु बच्चों को दी गई.
जिम्मेदारी जिसमें प्रधानमंत्री- अनुराग पटेल, शिक्षा मंत्री- कु.मनीषा नेताम, खेल मंत्री- योगेश पटेल, जल एवं स्वच्छता मंत्री - दीपक पटेल, योग एवं व्यायाम मंत्री - निलेश सिदार , प्रार्थना एवं संस्कृति मंत्री - केशरी यादव, पुस्तकालय एवं विज्ञान मंत्री - सुरेश पटेल, पर्यावरण मंत्री- भूमिका पटेल, स्वास्थ्य मंत्री- साहिल पटेल , खोया पाया विभाग मनोज पटेल, कक्षा नायक नरेन्द्र पटेल (5 वीं), तोषित पटेल (4थी), केशर नेताम (3री), नागेश्वर दीवान (2री), नमन नेताम (1ली).
उपरोक्त सभी पदाधिकारियों को शिक्षक वीरेंद्र कुमार कर (प्रधान पाठक) द्वारा शपथ दिलाया गया तथा शुभकामनाएं दी गयी. कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षक गिरधारी साहू, आशाराम पटेल जी का महत्वपूर्ण भूमिका रहा और सभी बाल केबिनेट सदस्यों को शुभकामनाएं दिये गए.
क्या है बाल संसद का उद्देश्य
बाल संसद विद्यालय के बच्चे-बच्चियों का एक मंच है. इससे जीवन कौशल का विकास, बच्चों में नेतृत्व एवं निर्णय लेने की क्षमता को विकसित करने, विद्यालय गतिविधियों एवं प्रबंधन में भागीदारी बढ़ाने, विद्यालय को आनंददायी, सुरक्षित और साफ सुथरा रखना है.
कैसा होगा बाल संसद का स्वरूप
बाल संसद का स्वरूप बारह सदस्यीय होगा जिसमें प्रधानमंत्री एवं उप प्रधानमंत्री के अलावा पांच मंत्री एवं पांच उप मंत्री होंगे. प्राथमिक विद्यालय के ऊपरी कक्षा के बच्चे बाल संसद के मंत्रिमंडल में शामिल होंगे.प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में 15 दिनों में कैबिनेट की बैठक होगी. यह सारा प्रावधान समझें सीखें गुणवत्ता शिक्षा कार्यक्रम तहत किया गया है. विद्यालय के एक शिक्षक बाल संसद के संयोजक होंगे.
मंत्रिमंडल का कैसे होगा विस्तार
प्रधानमंत्री एवं उप प्रधानमंत्री का कार्यकाल एक वर्ष का होगा. चयन में एक लड़की का होना अनिवार्य है. शिक्षा मंत्री एवं उप शिक्षा मंत्री के पद पर किसी छात्रा का चयन होगा. इसके बाद मंत्रिमंडल में स्वास्थ्य एवं स्वच्छता मंत्री, जल एवं कृषि मंत्री, पुस्तकालय एवं विज्ञान मंत्री तथा संस्कृति एवं खेल मंत्री पद पर चयन होगा.
बाल संसद के कार्य एवं दायित्व
प्रधानाध्यापकों से विद्यालय की आवश्यकताओं को पूरा करने, गांव-टोले के 6 से 14 आयु वर्ग के बच्चों की सूची तैयार करने, विद्यालय में पठन-पाठन प्रारंभ से पहले चेतना सत्र का संचालन करने, बच्चों को नित्य दिन विद्यालय आने के लिए प्रेरित करने, विद्यालय व वर्ग कक्षा की सफाई करने व करवाना, मिड डे मील वितरण में सहायता करने, विद्यालय में पेड़ पौधे व बागवानी को बढ़ावा देना है.
यह जानकारी विद्यालय के प्रचार प्रसार प्रमुख गिरधारी साहू जी ने दी.