लखन किराना ने लगाया 10 के सिक्कों का बोर्ड, 1 लेकर 5 के सिक्के भी बंद होने की अफवाह में.
बसना के आदर्श नगर में लखन किराना स्टोर्स में 10 के सिक्कों को लेकर एक बोर्ड लगाया गया है. इस बोर्ड में 10 के सिक्कों को लेकर जो बात लिखी गई है वह हैरान करने वाली है. जिसे क्षेत्र के लोगों ने 10 के सिक्के को प्रचलन से खत्म कर दिया है उन्ही क्षेत्र के लोगों के बीच लखन किराना के रुपानंद साव ने बोर्ड में 10 के सिक्के लिए जाते है कर के अपनी दुकान में लगाया है.
इसके बाद जब उन्होंने इस बोर्ड की फोटो सोशल मिडिया में अपलोड की तो इस बात की सराहना करने लगे और पूछने लगे कि वे इस 10 के सिक्के को कहाँ खपायेंगे जबकि इसे तो बैंक वाले भी लेने से मना कर देते है. साव ने बताया कि 10 का सिक्का तो बैंक भी नही ले रहा है औऱ ना ही कोई बड़ा दुकानदार, लेकिन उन्होंने हस्ते हुए कहा की यह काम मेरे लिए बहुत ही आसान है. मेरे पास एक छोटा हाथी है जो रोज 3 से 4 बुकिंग जाता है औऱ उन सिक्को को मैं टोल टैक्स वालों को थमा देता हूँ. रूपानन्द साव ने बताया की बोर्ड लगाने का उनका उद्देश्य क्षेत्र के लोगों को यह बताने के लिए है कि यहाँ 10 रु का सिक्का लिया जाता है और इसके साथ-साथ 10 रु. का सिक्का प्रचलन में भी है.
क्यों लगाया गया बोर्ड
महासमुंद जिले के तीन ब्लाक सरायपाली, बसना और पिथौरा में 10 के सिक्कों का अफवाह ऐसा बना है कि इन क्षेत्रों में 10 का सिक्का बिना अनुमति के ही विगत दो वर्षों के अधिक समय से गायब है. वैसे तो दस का सिक्का या कोई भी भारतीय मुद्रा का सिक्का लेने से मना करने पर वो भारतीय मुद्रा का बहिष्कार कहलाता जिसके तहत बीस हजार रुपए तक जुर्माना या सजा अथवा दोनों का प्रावधान है. फिर भी लोगों के मन में इसका किसी प्रकार का कोई भय नहीं है.
जानकारी के अनुसार कई बैंक भी ऐसे है जो 10 का सिक्का लेने से कतराते है और अवकाश के दिन बैंकों के एटीएम को बंद रखकर लोगों को नगदी से दुर रखकर जीने और मरने के बीच छोड़ जाते है.
जानकारी के अनुसार 10 के सिक्कों को इन क्षेत्रों में प्रचलन से बहार किये जाने के पश्चात अब शिकायतें 1 व 2 रुपये के सिक्कों को लेकर है ख़बर है कि अब इन सिक्कों का प्रचलन बसना ब्लाक के कई सारे गाँव में कर दिया गया है. गाँव के अलावा शहरों में भी जब 10 रु का सिक्का लेकर कोई सामान लेने जाता है तो वह 10 का सिक्का लेने से साफ इंकार कर दिया जाता है.