83 बच्चे 60 साल का जर्जर भवन, पालको ने लगाया स्कूल में ताला.
बसना से छत्तीसगढ़ और ओडिसा के बॉर्डर में स्थित बसना ब्लाक अंतर्गत ग्राम पँचायत साल्हेझरिया मे प्राथमिक स्कूल के बच्चे भवन को तरस रहें है. इस गाँव के प्राथमिक स्कूल में बच्चों की कुल संख्या 83 जिन्होंने अपना स्कूल छोड़ दिया. जिसका कारण जर्जर भवन है.
वर्तमान में 83 बच्चे इस गाँव के जर्जर भवन में पढ़ रहे थे. यह भवन इतना जर्जर हो चुका है की कभी भी गिर सकता है. इस बात को लेकर स्कूल के जिम्मेदार शिक्षक और गाँव के जिम्मेदार सरपचं द्वारा लगातार शिक्षा विभाग और सरकार को यह बताते आ रहा है कि यह प्राथमिक शाला का निर्माण सन 1964 हुआ है, भवन बिना बीम का है और ऊपर में खपरैल और लकड़ियों के सहारे टीका है. बावजूद इसके कभी भी इस गाँव नया भवन नहीं बनाया गया. जबकि यह मांग विगत 4 वर्ष पुरानी है.
4 साल से लगातार जर्जर भवन के जानकारियां देने के बावजूद ना ही वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही था और ना ही भवन के मरम्मत या नया भवन को लेकर को बजट बनाया जा रहा था.
हलाकि 3 जुलाई के पहले तक इस गाँव में प्राथमिक स्कूल के भवन में ही कक्षाये चलती रही. मगर इस महीने के शुरूआती दिनों में बारिश होने के कारण भवन और भी जर्जर हो गया जहाँ ना तो अब शिक्षक पढ़ाना चाहते है और ना ही बच्चे पढ़ना चाहते है. इतना ही नहीं इस भवन में पढ़ने वाले बच्चों के पालकों को भी इस भवन के गिर जाने का डर है जिसके चलते पलकों ने स्कूल भवन में ताला लगा दिया.
बताया गया की अभी वैकल्पिक व्यवस्था के लिए ग्राम पंचायत का सहारा लेना पड़ा है. बहुत ही ताजुब की बात है कि शासन-प्रशासन ने इन बच्चों की जान को खतरा में डाल रखा था. लेकिन क्या ग्राम पँचायत में ही स्कूल लगेगा ? या नया भवन बनेगा या प्रस्ताव किया गया है इसका जवाब किसी के पास नही है. अब तो बस ना जाने उन 83 बच्चों को कब तक ग्राम पंचायत में गुजरना होगा. वही स्कूल परीसर में लगभग 1994 के एक अतिरिक्त भवन भी वह भी जर्जर हो गया है और प्लास्टर गिरने लगा है.
मूत्रालय और शौचालय के लिये होगी परेशानी
इस गाँव के स्कूल में पढ़ने वाले बालकों की संख्या 40 है और बालिकाओं की 45 और 3 शिक्षक है जिनमे एक पुरुष है और पंचायत के भवन में 2 टायलेट है इसलिए इन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा चुकी बालक-बालिका अलग-अलग एक भी मूत्रालय नही है और ना ही शिक्षकों के लिए कोई अलग से सुविधा.
गुणवत्ता वाला मध्यान्ह बनाने होगी परेशानी
83 बच्चों के लिए अभी ग्राम पंचायत भवन के बाहर में खुले में खाना बनाया जा रहा है. अभी वर्षा का दिन है झाला झोपड़ी में कैसे 83 बच्चों के लिए मध्यान्ह भोजन बनेगा समझा जा सकता है.
अब ग्राम पंचायत ढूंढ रहा है अपना आशियाना
भवन तो ग्राम पंचायत साल्हे झरिया का ही है और बच्चे भी गाँव के इसलिए सरपंच ने यह यह निर्णय लिया की बच्चों को ग्राम पंचायत में स्कूल संचाकन किया जाएगा और ग्राम पंचायत का मीटिंग किसी की परछी चौक या आंगनबाड़ी को वैक्लिप देखा जाएगा. लेकिन बताया कि कुछ ही दिनों में राशन कॉर्ड नवनिकरण के लिए भीड़ इक्क्ठा होता है जिसके कारण आंगनबाड़ी में भी यह कार्य किया जाएगा.
हलाकि इन सभी बातो की जानकारी शिक्षको द्वारा ब्लाक शिक्षा अधिकारी को देने के बाद किसी दूसरे जगह व्यवस्था करके स्कूल संचालन अधिकारी के आदेश पर किया जा रह है.