बिना काम के ले रहा सरकारी तनख्वाह ! काम के समय में चलाता है किराने की दुकान.
बसना ब्लाक अंतर्गत ग्राम पंचायत कप्सखुंटा में एक व्यक्ति ऐसा भी है जो पैसा तो सरकारी लेता है मगर उस पैसे के बदले वह कार्य नहीं करता है बल्कि उस समय गाँव में किराने की दुकान चलता है.
कप्साखुटा के मिडिल स्कूल में रसोइया के पद पर मोहन यादव आसित है. बताया जाता है कि रसोइया मोहन यादव पिछले साल से मध्यान्ह भोजन के रसोइया के नाम से सरकारी तनख्वाह भी लेता आया है मगर मध्यान्ह भोजन बनाने के समय मे किराना स्टोर्स का संचालन करता है. इसी तरह बिना कार्य किए ही रसोइया मोहन यादव को तनख्वाह मिल जाता है.
वहीं के ग्रामीण चंद्रशेखर साव, दयानिधि दास, और विष्णु दास ने बताया कि मिडिल स्कूल मोहन यादव और उनकी पत्नी रसोइया के पद में कार्यरत है लेकिन काम के लिए केवल मोहन यादव का पत्नी ही आती है जिसके वजह से मध्यान्ह भोजन में लेट होता है.
कुछ वर्ष पूर्व मिडिल स्कूल में विधार्थियो के अधिक जनसंख्या को देखते हुए 2 रसोइया रखा गया था. लेकिन अपने फायदे के लिए बच्चों के भूख को छोड़ मोहन यादव मध्यान्ह भोजन बनने के समय कहीं और रहकर किराना दुकान चलाता है
इन ग्रामीणों ने आरोप लगाया है की इस बात की मौखिक शिकायत प्रिंसिपल को किया गया है लेकिन उनके द्वारा रसोइया को बोलने पर भी उनकी बात नहीं मानी जाती है.
यह भी कहा की अगर एक रसोइया से काम चलता है तो दूसरे व्यक्ति को बिना कार्य किए क्यो सेलेरी दिया जा रहा है ? सवाल तो यह भी उठता है की आखिर उस स्कूल के जिम्मेदार शिक्षक द्वारा बिना कार्य किए उनका रोज रजिस्टर मेनटेन कैसे कर रहे है ? आखिर एक साल तक कोई बिना कार्य किए कैसे सरकारी तनख्वाह ले सकता है ?
ग्रामीणों ने कहा कि अगर मोहन यादव काम नही कर सकता तो उनके जगह किसी औऱ को काम करने का मौका मिलना चाहिए. जिससे की जरुरत मंद को रोजगार मिल सके.