पत्नी के साथ जॉइंट FD किया है? ध्यान रखें ये बातें
फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) को आज भी लोग सुरक्षित निवेश मानते हैं। कई लोग पति-पत्नी के नाम पर जॉइंट FD करवा लेते हैं ताकि परिवार का पैसा एक साथ सुरक्षित रहे। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये जॉइंट FD आपको इनकम टैक्स विभाग की रडार पर भी ला सकती है? जी हां, अगर कुछ खास नियमों का ध्यान नहीं रखा गया, तो घर पर टैक्स नोटिस आना तय है।
FD पर ब्याज हमेशा टैक्सेबल होता है
बैंक FD से मिलने वाला ब्याज आपकी टैक्सेबल इनकम में गिना जाता है। चाहे FD सिंगल हो या जॉइंट, टैक्स देना हर हाल में जरूरी है। अक्सर लोग सोचते हैं कि जॉइंट FD होने से टैक्स का बोझ पति-पत्नी में बंट जाएगा, लेकिन हकीकत इसके उलट है। टैक्स डिपार्टमेंट सबसे पहले ये जांचता है कि FD में पैसा किसने लगाया है। उसी शख्स को ब्याज की कमाई पर टैक्स भरना पड़ता है।
क्यों आता है इनकम टैक्स नोटिस?
अगर FD में सारा पैसा पति ने निवेश किया लेकिन ब्याज की कमाई पत्नी के नाम पर दिखा दी गई, तो टैक्स विभाग इसे बेनामी ट्रांजैक्शन मान सकता है। इसका मतलब है कि आपने अपनी संपत्ति किसी और के नाम पर दिखाई, जो कि टैक्स कानून के खिलाफ है। ऐसे मामलों में सिर्फ नोटिस ही नहीं, भारी जुर्माना भी लग सकता है।
इसके अलावा, कई लोग बैंक से TDS कटने से बचने के लिए फॉर्म 15G या 15H भर देते हैं। लेकिन यह फॉर्म सिर्फ तब भरना चाहिए जब आपकी कुल आय टैक्सेबल लिमिट से कम हो। अगर गलत जानकारी देकर ये फॉर्म जमा किया गया, तो इनकम टैक्स विभाग इसे टैक्स चोरी मान सकता है।
टैक्स नोटिस से कैसे बचें?
FD में किसने कितना पैसा लगाया है, इसका स्पष्ट रिकॉर्ड रखें।
ब्याज की इनकम को ITR में सही तरीके से दिखाएं।
अगर पैसा पति का है, तो FD में उन्हें ही फर्स्ट होल्डर बनाया जाए।
फॉर्म 15G/15H तभी भरें जब आप उसके लिए पात्र हों।
सभी बैंक स्टेटमेंट और FD रसीदें संभालकर रखें।
निचोड़
जॉइंट FD निवेश का एक सुरक्षित और समझदारी भरा विकल्प हो सकता है, लेकिन टैक्स नियमों की जानकारी न होने पर यह मुसीबत भी बन सकता है। इसलिए निवेश करने से पहले टैक्स नियम जरूर समझें और जरूरत पड़े तो किसी एक्सपर्ट की सलाह लें। थोड़ी सी सावधानी आपको नोटिस और जुर्माने से बचा सकती है।