आधी रोटी आधा पेट के तर्ज पर सरकार को वादा याद दिलाया - CG Sandesh

आधी रोटी आधा पेट के तर्ज पर सरकार को वादा याद दिलाया

मंगलवार को  अनिश्चितकालीन हड़ताल के 23 वें दिन NHM संघ महासमुंद जिला इकाई के अधिकारी एवं कर्मचारियों की बड़ी संख्या में जिले से 550 कर्मचारी एन एच एम कर्मी ने आधी रोटी आधा पेट के तर्ज पर सरकार को अपनी वादा याद दिलाया साथ ही भैंस के आगे...बीन बजाते हुये शासन प्रशासन को बताया गया नियमितीकरण एवं ग्रेट पे अनुकम्पा न्युक्ति, 10 मांगो को लेकर नारे बाजी करते हुये प्रदर्शन किया गया.

NHM कर्मचारी हर दिन अलग अलग तरीकों से अनोखा प्रदर्शन कर रहे है। जल सत्याग्रह कभी खून से भरी चिट्ठी लिख रहे हैं तो कभी पी पी ई किट पहनकर दंडवत प्रणाम, कलश यात्रा ताली थाली पीटकर रैली निकाल कर विधायक को ज्ञापन सौपा रहे हैं। कभी सरकार को दिन बजा कर उठाने का प्रयास कर रहे हैं उन सरकार को जगाने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारी, स्वास्थ्य मंत्री एवं मुख्यमंत्री द्वारा सिर्फ आश्वासन दिया जा रहा है। जनप्रतिनिधि के साथ-साथ पक्ष विपक्ष के नेता भी NHM कर्मचारी के समर्थन में आ चुके है। 

अब देखना होगा कि सरकार उनकी जरूरी मांग को पूरा करने की दिशा में कोई सकारात्मक कदम उठाता है कि 16 हजार कर्मचारियों सामूहिक स्थिपा दिया है 25 कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया, अपनी नौकरी गंवानी पड़ती है । Nhm कर्मचारियों व सरकार की इस आर पार की लड़ाई में पीस आम जनता रही है।

रोज नई नई स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही सामने आ रही है। गरियाबंद के महिला गार्ड द्वारा इंजेक्शन लगाना हो या बागबाहरा के ड्राइवर द्वारा स्टिच टांका लगाने की घटना सामने आ रही है चाहे स्वास्थ मंत्री कुछ भी बोलें लेकिन यह घटनाएं स्वास्थ विभाग की पोल खोल रही है। जनता पूरी तरह से त्रस्त है सब हेल्थ सेंटर, पी एच सी लेवल,   सी एच सी में शामिल 100 केंद्र मानो पूरी तरह से बंद हो चुकी है मामूली से सर्दी खासी के लिए भी बच्चों के टीका के लिए भी आम जनता को जिला अस्पताल की और रुख करना पड़ रहा है, जिला अस्पताल में लंबी लंबी कतार देखने को मिल रही हे।

वही अंबिकापुर में एक चपरासी द्वारा दवाई बांटने की घटना सोशल मीडिया में वायरल हो रही है इतनी ज्यादा घोर लापरवाही स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया जा रहा है अब जनता पूछ रही है कि स्वास्थ हमला कहां सोई हुई है ।

जिला अध्यक्ष राम गोपाल खूंटे ने बताया कि अब लड़ाई आर पार की है। प्रशासन बोल रही है कि ग्रेट पे, नियमितीकरण का मामला केंद्र सरकार का है जबकि एक RTI  द्वारा स्पष्ट हो चुका है कि ग्रेट पे और नियमितीकरण का मामला सिर्फ राज्य सरकारों का है। मध्य प्रदेश सरकार पहले से ही ग्रेट पे अनुकंपा नियुक्ति जैसी मामला मूलभूत सुविधाएं कर रही है मध्यप्रदेश सरकार का पत्र सोशल मीडिया में हर तरफ वायरल है और हमारे राज्य में बड़े पद पर बैठे अधिकारियो को जानकारी ही न हो ऐसा नहीं हो सकता। बस सरकार तक पहुंचा नहीं रहे है या सरकार की मानसा नहीं है NHM आर पार की लडाई में उतर चुके है।



अन्य सम्बंधित खबरें