महासमुंद : दिव्यांगजनों ने अपने हुनर से लोगों का दिल जीता - CG Sandesh

महासमुंद : दिव्यांगजनों ने अपने हुनर से लोगों का दिल जीता

जिले में पहली बार दिव्यांगजनों के लिए पर्पल फेयर का आयोजन हुआ। जिसमें दिव्यांगों ने अपने हुनर से सबका दिल जीता। नृत्य कला, गायन कला, फैशन शो और ब्रेल लिपि का प्रदर्शन ने दिव्यांगों के आत्मविश्वास को एक नई ऊंचाई दी। दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार अंतर्गत समेकित क्षेत्रीय केंद्र (सी.आर.सी.), ठाकुरटोला, राजनांदगांव एवं समाज कल्याण विभाग द्वारा रजत जयंती महोत्सव एवं सेवा पखवाड़ा 2025 अंतर्गत दिव्यांगजनों के लिए यह बहुआयामी आयोजन जिला मुख्यालय स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर मांगलिक भवन, संजय कानन के पास महासमुंद में किया गया।

इस अवसर पर विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। विशिष्ट अतिथि के रूप में नगरपालिका अध्यक्ष निखिलकांत साहू, स्काउट एवं गाइड के जिलाध्यक्ष येतराम साहू मौजूद थे।

कार्यक्रम में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, पूर्व पार्षद महेन्द्र सिक्का, राजू चंद्राकर,  संदीप घोष, प्रकाश शर्मा, शरद मराठा, पंकज चंद्राकर एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण मौजूद थे।

विधायक सिन्हा ने अपने उद्बोधन में कहा कि दिव्यांगजन समाज का अभिन्न अंग हैं। उनकी प्रतिभा और क्षमताओं को पहचानकर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना हम सभी का कर्तव्य है।

उन्होंने कहा कि राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा दिव्यांगजनों के कल्याण हेतु कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं और पर्पल फेयर जैसे आयोजन इस दिशा में सार्थक पहल हैं। यह मंच दिव्यांगजनों को न केवल अपनी कला और कौशल प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान करता है, बल्कि रोजगार एवं स्वरोजगार के लिए भी नए रास्ते खोलता है। उन्होंने दिव्यांगजनों के आत्मविश्वास और लगन की सराहना करते हुए कहा कि आपकी मेहनत और संकल्प ही आपको सशक्त बनाएगी। समाज तभी पूर्ण होता है जब उसमें हर वर्ग को समान अवसर मिले।

सिन्हा ने मेले में लगाए गए महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य विभाग, दिव्यांग संघ, सिविक सेवा प्राधिकरण, आशियाना वृद्धाश्रम, बांस शिल्प आदि स्टॉलों का अवलोकन किया।

इस दौरान उन्होंने रोजगार मेले, सहायक उपकरण वितरण स्टॉल, दिव्यांग कला गैलरी, सरकारी योजनाओं की प्रदर्शनी एवं प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों की जानकारी संबंधी स्टॉल का भी बारीकी से अवलोकन किया।

उन्होंने दिव्यांगजनों द्वारा बनाए गए हस्तशिल्प, कलाकृतियों एवं कौशल आधारित उत्पादों की सराहना की और उनके उत्साहवर्धन के लिए उनसे चर्चा भी किया। आयोजन में बड़ी संख्या में दिव्यांगजन, वरिष्ठजन, स्कूली एवं महाविद्यालयीन दिव्यांग छात्र-छात्राएँ शामिल हुए।

इस अवसर पर उप संचालक समाज कल्याण संगीता सिंह, सीआरसी के निदेशक स्मिता महोबिया, जिला फिटनेस मेडिकल बोर्ड के अधिकारी एवं स्टाफ मौजूद थे।

मेले में दिव्यांगजनों हेतु रोजगार मेला, सहायक उपकरणों का वितरण, सरकारी योजनाओं एवं प्रकाशनों की प्रदर्शनी, दिव्यांग कला गैलरी, मनोरंजक खेल एवं गतिविधियाँ, संचालित पाठ्यक्रमों की जानकारी, भोजन स्टॉल, सांस्कृतिक एवं खेलकूद प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं।

कार्यक्रम में कुल 310 दिव्यांग एवं वृद्धजन उपस्थित रहे तथा 150 इनके सहायक मिलाकर कुल 360 हितग्राही पंजीकृत हुए। आयोजन में एलिम्को संस्थान द्वारा 32 वृद्धजनों को सहायक उपकरण प्रदान किया गया। 15 दिव्यांग ने अपना दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाये।

कार्यक्रम में 17 विभागों का स्टॉल लगाया गया ,तथा 7 विभिन्न स्वैच्छिक संस्थान व शासकीय संस्थान के दिव्यांग बच्चे उपस्थित होकर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम में अपनी प्रतिभा एवं खेल आयोजन में अपना जौहर दिखाया।


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