रसोइया के अनुपस्थित रहने से मध्यान्न भोजन से बच्चों को होना ... - CG Sandesh

रसोइया के अनुपस्थित रहने से मध्यान्न भोजन से बच्चों को होना पड़ रहा वंचित, ग्रामीणों द्वारा बसना बीईओ, एसडीएम सरायपाली को ज्ञापन सौंपकर की गई रसोइया को हटाने की मांग.

प्राप्त जानकारी के अनुसार बसना बीईओ को सौंपे गए ज्ञापन में शाला प्रबन्धन एवं विकास समिति अध्यक्ष राजकुमारी चंद्रा, उपाध्यक्ष शांति बाई, ललिता बरिहा, हीरामणी साहू, तुलसीबाई रत्नाकर, दुर्गा भास्कर, पद्माबाई साहू मुसनलाल नागवंशी, बाबूलाल भास्कर, दसाउ नागवंशी, शिवरतन नागवंशी, लक्ष्मीनारायण रात्रे, जागेश्वर चंद्रा आदि ने बताया है कि संकुल केंद्र लम्बर के शासकीय प्राथमिक शाला झालपाली में सहायक रसोइया श्रीमती नीरा बाई समय पर मध्यान्न भोजन बनाने नहीं आती, तथा ज्यादातर अनुपस्थित रहती है जिससे शासन की महत्वाकांक्षी मध्यान्न भोजन योजना से बच्चों को वंचित होना पड़ रहा है।

शिकायत में बताया गया है कि सहायक रसोइया स्वयं ही मध्यान्न भोजन संचालित करने वाली महिला समूह की सचिव है फिर भी मीनू के अनुसार मध्यान्न भोजन नहीं दिया जा रहा है। साथ ही मध्यान्न भोजन बनाने में स्वच्छता का ध्यान नहीं रखने के कारण एक बार खाने में किड़ा भी निकला है जिसके बाद संकुल समन्वयक की उपस्थिति में सहायक रसोइया के कई बार समझाईश दी जा चुकी है बावजूद इसके सुधार नहीं हो रहा है। इससे नाराज ग्रामीणों द्वारा उक्त रसोइया को हटाए जाने की मांग की है।

28 मार्च को शाला प्रबन्धन एवं विकास समिति की बैठक में इस मामले को लेकर प्रस्ताव भी पारित किया जा चुका है। इस शिकायत पर बसना बीईओ द्वारा रसोइया का बचाव करते हुए उसके विरुद्ध कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है। वहीं 8 जुलाई को जब बसना बीईओ जब झालपाली विद्यालय निरीक्षण में पंहुचे तब भी ग्रामीणों ने रसोइया को हटाए जाने की मांग की तथा बसना बीईओ द्वारा विद्यालय के निरीक्षण पंजी में लिखा कि मध्यान्न भोजन 55 विद्यार्थियों के अनुरूप नहीं बना है।

तत्पश्चात कार्यालय विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी बसना के ज्ञाप क्रं /327/रसोईया /2019 बसना दिनांक 9/7/19 द्वारा रसोइया श्रीमती नीरा बाई को स्पष्टीकरण देने नोटिस जारी किया गया। जिसमें लिखा गया है कि प्रधान पाठक एवं शाला प्रबन्धन एवं विकास समिति द्वारा प्राप्त शिकायती पत्र के अनुसार आपके विरुद्ध गंभीर शिकायत प्राप्त हुई है कि आपकी उपस्थिति नियमित नही होती, आपको पूर्व में समझाईश देने के बाद भी अपने मनमर्जी से कार्य करती हैं तथा छात्र छात्राओं से भी रुखा व्यवहार करती हैं। बीईओ कार्यालय में तत्काल अपना स्पष्टीकरण देने का निर्देश देते हुए हटाने की चेतावनी भी दी गई थी। उसके बाद क्या कार्रवाई हुई यह जानने ग्रामीण बसना बीईओ कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं मगर बीईओ किसी तरह का ठोस जवाब नहीं दे पा रहे हैं ऐसा ग्रामीणों का कहना है।

ग्रामीणों ने इस मामले को लेकर सरायपाली विधायक किस्मत लाल नंद से भी मुलाकात कर चर्चा किए थे तथा पूर्व विधायक रामलाल चौहान से भी रसोइया को हटाए जाने की मांग को लेकर चर्चा किए हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि जल्द ही रसोइया को नहीं हटाया गया तो बीईओ कार्यालय का घेराव, चक्काजाम, विद्यालय में तालाबंदी जैसे चरणबद्ध आंदोलन किये जाने की बात सामने आ रही है.


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