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महासमुंद जिले के चार शिक्षक राज्यपाल के करकमलों से हुए सम्मानित

दिव्यांगजनों के शैक्षणिक सशक्तिकरण की दिशा में 27 जनवरी को रायपुर स्थित लोक भवन, सिविल लाइन में गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर महामहिम राज्यपाल छत्तीसगढ़, माननीय श्री रमेन डेका के करकमलों द्वारा दो महत्वपूर्ण ब्रेल पुस्तकों- दिव्यांग महिलाओं की सफलता की कहानी’ एवं “छत्तीसगढ़ के वीर” का विधिवत विमोचन किया गया। इसी मंच से दृष्टिबाधित बच्चों के लिए तैयार की गई 3000 से अधिक ऑडियो बुक्स का भी लोकार्पण किया गया, जो शिक्षा के क्षेत्र में समावेशी पहल का सशक्त उदाहरण है। इन ऑडियो बुक्स में कक्षा 6वीं से 12वीं तक के सभी विषयों के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु विशेष प्लेलिस्ट शामिल हैं। इसके अतिरिक्त सरगुजिया कहानियां, छत्तीसगढ़ी एवं हिंदी में सामान्य ज्ञान, हल्बी, पंजाबी और छत्तीसगढ़ी भाषाओं में अलग-अलग प्लेलिस्ट, महिला सशक्तिकरण, दिव्यांगजनों हेतु सरकारी योजनाओं तथा सहायता संसाधनों से संबंधित उपयोगी सामग्री भी उपलब्ध कराई गई है। 

यह समस्त सामग्री “वर्ल्ड ऑडियो बुक” यूट्यूब चैनल पर एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। इस अवसर पर माननीय राज्यपाल रमेन डेका ने इस अभिनव और मानवीय पहल की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए कहा कि ‘जिस प्रकार आप सभी शिक्षकों ने सामान्य पुस्तकों को ब्रेल में अनुवादित कर तथा ऑडियो बुक्स के माध्यम से दृष्टिबाधित बच्चों के लिए ज्ञान के नए द्वार खोले हैं, वह वास्तव में शिक्षा के क्षेत्र में समावेशी सोच का उत्कृष्ट उदाहरण है। यह कार्य केवल शैक्षणिक नहीं, बल्कि संवेदनशील सामाजिक दायित्व का भी निर्वहन है। उन्होंने आगे कहा कि मैं अपने गृह राज्य असम में भी शिक्षकों को इस प्रकार की पहल करने के लिए प्रेरित करूंगा, ताकि वहां के दृष्टिबाधित बच्चों को भी इसी तरह सुलभ अध्ययन सामग्री उपलब्ध हो सके। राज्यपाल महोदय ने यह भी बताया कि तैयार की गई इन ऑडियो बुक्स को गवर्नर टीम के माध्यम से अन्य राज्यों तक प्रेषित किया जाएगा, जिससे यह पहल राष्ट्रीय स्तर पर एक आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित हो सके और देशभर के दृष्टिबाधित विद्यार्थी इसका लाभ प्राप्त कर सकें। इस पुनीत और सेवा भाव से किए गए कार्य के लिए उन्होंने सभी शिक्षकों की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी और कहा कि ऐसे प्रयास समाज में सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करते हैं। इस अभियान की प्रेरणा राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिका के. शारदा, दुर्ग को वर्ष 2024 में मिले सम्मान के पश्चात मिली। दृष्टिबाधित बच्चों के अध्ययन की वास्तविक आवश्यकता को समझते हुए उन्होंने 25 अक्टूबर 2024 से इस कार्य की शुरुआत की और स्वयं 800 से अधिक ऑडियो बुक्स तैयार कीं। बाद में विभिन्न जिलों के शिक्षकों के जुड़ने से यह संख्या बढ़कर 3100$ तक पहुंच गई।

शिक्षिका के. शारदा एवं प्रीति शांडिल्य द्वारा पूर्व में संयुक्त रूप से ब्रेल पुस्तकें तैयार कर छत्तीसगढ़ के 20 ब्रेल विद्यालयों को 100-100 प्रतियां निःशुल्क उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। इस पुनीत कार्य में योगदान देने वाले शिक्षकों को राज्यपाल महोदय द्वारा सम्मानित किया गया। इस ऑडियो बुक निर्माण अभियान में 30 शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता रही। जिनमे महासमुंद विकासखंड से सहा. शिक्षक बलराम नेताम, बागबाहरा विकासखंड से सहा. शिक्षक अमित कुमार उइके, दीपा महार एवं रिंकल बग्गा शामिल हैं। माननीय राज्यपाल महोदय ने इस कार्य की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी एवं अनुकरणीय पहल बताया।


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CG SANDESH

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