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महासमुंद : खुरपका-मुंहपका बीमारी की रोकथाम हेतु किया जा रहा निःशुल्क टीकाकरण

राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत खुरपका-मुंहपका बीमारी की रोकथाम के लिए जिले में 30 अप्रैल 2026 तक सघन टीकाकरण अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के तहत जिले भर में गाय, भैंस सहित सभी खुर वाले पशुओं का निःशुल्क टीकाकरण किया जा रहा है।

भारत शासन द्वारा वर्ष 2019 से नेशनल एनिमल डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम के तहत इस अभियान का संचालन किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य देश में खुरपका-मुंहपका बीमारी जैसी संक्रामक बीमारी पर नियंत्रण पाना और उसे पूरी तरह समाप्त करना है। उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ. अंजना नायडू ने बताया कि अब तक टीकाकरण के 6 चरण सफलतापूर्वक पूर्ण किए जा चुके हैं तथा 7वां चरण का टीकाकरण जारी है। जिसमें विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा घर-घर पहुंचकर पशुपालकों के पशुओं का टीकाकरण किया जा रहा है। जिले में कुल 1,91,341 गौवंशीय एवं भैंसवंशीय पशु उपलब्ध हैं, जिनमें से अब तक लगभग 75,000 पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। शेष पशुओं का टीकाकरण अभियान सतत जारी है।

उन्होंने बताया कि खुरपका-मुंहपका एक अत्यधिक संक्रामक विषाणु जनित रोग है, जो संक्रमित पशुओं के संपर्क, दूषित उपकरण, चारे एवं पानी के माध्यम से तेजी से फैलता है। इस रोग से प्रभावित पशुओं के खुर एवं मुंह में छाले हो जाते हैं, जो फटने पर घाव में बदल जाते हैं। इसके कारण पशु लंगड़ाने लगता है, दुग्ध उत्पादन में कमी आती है तथा गर्भवती पशुओं में गर्भपात की संभावना बढ़ जाती है। साथ ही मुंह में घाव होने के कारण पशु भोजन नहीं कर पाता, जिससे उसके वजन में भी कमी आती है।

पशु चिकित्सा विभाग की उप संचालक डॉ. अंजना नायडू ने जिले के सभी पशुपालकों से अपील की है कि वे इस अभियान में सक्रिय सहयोग दें और अपने पशुओं का समय पर टीकाकरण कराकर उन्हें इस गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखें।


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