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सरायपाली : ग्रीष्मकालीन तिलहन की खेती से गौतम पटेल समृद्धि की ओर

विकासखंड सरायपाली अंतर्गत ग्राम सिरशोभा के प्रगतिशील किसान श्री गौतम पटेल ने पारंपरिक खेती की सीमाओं को समझते हुए ग्रीष्मकालीन धान के स्थान पर तिलहन फसल सूर्यमुखी की खेती अपनाकर समृद्धि की ओर है। कृषि विभाग द्वारा ग्रीष्मकालीन तिलहन उत्पादन को प्रोत्साहित करने हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

गौतम पटेल बताते है कि पूर्व में वे अपने खेत में धान की खेती करते थे, जिसमें अधिक पानी और लागत की आवश्यकता होती थी। बीते वर्ष पानी की कमी के कारण उनकी धान की फसल खराब हो गई, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। इस अनुभव ने उन्हें वैकल्पिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। कृषि विभाग के मार्गदर्शन और सहयोग से श्री पटेल ने इस वर्ष 0.60 हेक्टेयर (लगभग 1.5 एकड़) क्षेत्र में सूर्यमुखी की खेती की शुरुआत की। सूर्यमुखी फसल की विशेषता यह है कि इसमें कम पानी की आवश्यकता होती है और लागत भी अपेक्षाकृत कम आती है, जिससे किसानों के लिए यह एक लाभकारी विकल्प बनकर उभर रही है।

वर्तमान में सूर्यमुखी फसल की स्थिति संतोषजनक है और प्रति एकड़ 8 से 10 क्विंटल उत्पादन का अनुमान है। इस प्रकार कुल क्षेत्र से लगभग 12 से 15 क्विंटल उत्पादन होने की संभावना है। बाजार में सूर्यमुखी का मूल्य 4,500 से 5,500 प्रति क्विंटल होने के कारण कुल आय 54,000 से 82,500 तक अनुमानित है। इस तरह वे शुद्ध आय 40 से 65 हजार रुपए तक अर्जित कर पाएंगे।
कृषि विभाग द्वारा पटेल को उन्नत बीज, तकनीकी मार्गदर्शन और आवश्यक सहयोग निरंतर प्रदान किया जा रहा है, जिससे वे इस नवीन खेती पद्धति को सफलतापूर्वक अपनाने में सक्षम हुए हैं।


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