ऑनलाईन ठगी गिरोह के 03 आरोपी महासमुंद पुलिस की गिरफ्त में, 14 राज्यों में दर्ज है 36 प्रकरण
गूगल से कस्टमर केयर नंबर खोजने पर अज्ञात व्यक्ति ने कॉल कर स्वयं को BOODMO कंपनी प्रतिनिधि बता कर, दिया था घटना को अंजाम
आरोपी ने Helpdesk Host एप डाउनलोड करने को कहा और स्क्रीन मिररिंग के जरिये खाते तक बनाई पहुँच।
विवो, ओप्पो, आई-फोन के 09 एंड्राईड, लैपटॉप, वाई-फाई उपकरण एवं 02 नग सीम कार्ड सहित कुल जुमला 02 लाख, 88 हजार रूपये की संपत्ति आरोपियो से बरामद।
इन आरोपियों के विरूद्ध देश के विभिन्न राज्य उत्तर प्रदेश, कनार्टका, बिहार, दिल्ली, हरियाणा, केरला, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब सहित 14 राज्यों में कुल 36 प्रकरणों में लगभग 12 लाख, 26 हजार 948 रूपये ऑनलाईन ठगी के दर्ज है।
थाना तुमगांव में दिनांक 04.01.2026 को प्रार्थी दिनेश कुमार ठाकुर निवासी बिजरापाली, थाना तेन्दुकोना द्वारा लिखित आवेदन प्रस्तुत किया गया कि उसके एसबीआई बैंक खाते से 2,49,988 की राशि ऑनलाइन ठगी कर ली गई है। प्रार्थी ने बताया कि उसने BOODMO कंपनी से कार के व्हील रिम ऑर्डर किए थे। भुगतान के बाद ऑर्डर न दिखने पर उसने गूगल से कस्टमर केयर नंबर खोजकर कॉल किया। अज्ञात व्यक्ति ने स्वयं को कंपनी का प्रतिनिधि बताकर उसे Helpdesk Host एप डाउनलोड करने हेतु कहा। एप इंस्टॉल करने के बाद उसके मोबाइल का स्क्रीन मिररिंग कर खाते से 2,49,988 रूपयें की राशि निकाल ली गई। थाना तुमगांव द्वारा साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराने के बाद प्रथम सूचना दर्ज कर तकनीकी विवेचना हेतु डायरी साइबर पुलिस थाना महासमुंद के सुपुर्द किया गया है।
पुलिस अधीक्षक महासमुंद द्वारा ऑनलाइन फ्राड की घटना को संज्ञान में लेकर साइबर थाना प्रभारी को आरोपी को ट्रेक कर जल्द से जल्द गिरफ्तार करने निर्देशित किया गया है। साइबर थाना टीम तकनीकी मदद् से आरोपियों के डिजिटल फूट प्रिंट को ट्रेक कराना प्रारंभ किया तो पता चला की इनका तार जिला जामताड़ा एंव देवघर, झारखण्ड राज्य से जुड़ा है। साइबर थाना की टीम आरोपियों की छोटी से छोटी डिजिटल साक्ष्यो को संकलित किया और एक टीम आरोपियों को गिरफ्तार करने हेतु जिला देवघर, झारखण्ड रवाना किया गया है।
साइबर थाना टीम आरोपियों के निवास ग्राम बेहरापहरी जिला देवघर पहुचकर कर आरोपियों की पता तलाश प्रारंभ किया। प्रकरण के आरोपियों को ढ़ूंढना काफी मुश्किल था किन्तु साइबर थाना टीम द्वारा एक सप्ताह के कड़ी मेहनत, सुझबुझ और तकनीकी मदद से अंततः आरोपियों की पहचान हो सकी जिनके नाम क्रमशः मुफितयाज अंसारी, मोहम्मद मुख्तार अंसारी, इरफान अंसारी के रूप में हुई। आरोपियों की गिरफ्तार हेतु टीम योजनाबद्ध तरीको से उनके घर की घेराबंदी कर व दबिश देकर तीनो आरोपियों को पकड़ा गया।
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि सेकंड हैंड मोबाइल फोन खरीदकर, एयरटेल वाई-फाई लगवाकर तथा विभिन्न एप्स का उपयोग कर ऑनलाइन ठगी करते थे। आरोपियों का अपराधिक हिस्ट्री खंगालने पर उत्तर प्रदेश, कनार्टका, बिहार, दिल्ली, हरियाणा, केरला, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब सहित 14 राज्यों में 36 प्रकरणों में ऑनलाईन फ्राॅड को अंजाम देकर 12,26,948 रूपयें ठगी किये है। आरोपी को थाना तुमागवं के पंजीबद्ध अपराध धारा 318(4) BNS एवं 66(D) IT Act के तहत कार्यवाही कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
महासमुंद पुलिस की आम जनता से अपील- जागरूक बनें, सुरक्षित रहें! किसी भी कंपनी का कस्टमर केयर नंबर हमेशा उनकी आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप से ही लें। गूगल सर्च पर दिखने वाले नंबर फर्जी हो सकते हैं। अनजान ऐप डाउनलोड न करें, कभी भी किसी के कहने पर AnyDesk, TeamViewer या Helpdesk Host जैसे 'स्क्रीन शेयरिंग' ऐप डाउनलोड न करें। ये आपके फोन का कंट्रोल दूसरों को दे देते हैं। बैंक या कोई भी प्रतिष्ठित कंपनी आपसे फोन पर कभी भी OTP, CVV या PIN नहीं मांगती। अगर आप साइबर ठगी का शिकार होते हैं, तो तुरंत कॉल सेंटर-1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
गिरफ्तार आरोपी-
01- मुफितयाज अंसारी पिता मुख्तार अंसारी उम्र 19 वर्ष।
02- इरफान अंसारी पिता मुख्तार अंसारी उम्र 40 वर्ष।
03- मो. मुख्तार अंसारी पिता स्व. अब्दुल फजल उम्र 60 वर्ष। सभी निवासी ग्राम बेहरापहरी थाना मार्गोमुण्डा जिला देवघर झारखण्ड।
जप्त सामग्री-ठगी में प्रयुक्त-
01. विवो, ओप्पो, आई-फोन के 09 एड्राईड मोबाईल किमती 2,10,000 रूपये।
02. 01 लैपटॉप कीमती 75000 रूपये।
03. वाई-फाई उपकरण कीमती 3000 रूपये।
04. 02 नग सीम कार्ड।
कुल जुमला जप्त संपत्ति कीमती 2,88,000 रूपये (02 लाख, 88 हजार रूपये)