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महासमुंद : बाल श्रम निषेध संबंधी सूचना पटल प्रदर्शित नहीं पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी

कलेक्टर विनय कुमार लंगेह की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में श्रम विभाग के जिला स्तरीय टॉस्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर ने बाल एवं किशोर श्रम के उन्मूलन के लिए संचालित अभियान की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

इस अवसर पर समिति सदस्य जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर सचिन भूतड़ा, रवि साहू, जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार लहरे, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास टिक्वेन्द्र जटवार, श्रम पदाधिकारी डी.एन. पात्र, जिला अग्रणी बैंक मैनेजर अभय पारे सहित सदस्य मौजूद थे।

बैठक में कलेक्टर ने जिले में बाल एवं किशोर श्रम उन्मूलन हेतु बचाव एवं पुनर्वास अभियान की प्रगति की समीक्षा की। इस अवसर पर जिला स्तरीय टॉस्क फोर्स समिति के नोडल अधिकारी डी.एन. पात्र ने बताया कि अभियान के दौरान जिला स्तरीय टॉस्क फोर्स द्वारा संयुक्त रूप से 26 जनवरी से 31 मार्च 2026 तक विभिन्न विकासखंडों में निरीक्षण किया गया।

जिसमें महासमुंद विकासखण्ड में 13, बागबाहरा में 7, बसना में 5, पिथौरा में 5 तथा सरायपाली में 4 संस्थानों का निरीक्षण किया गया। इस प्रकार जिले में कुल 34 संस्थानों की जांच की गई। निरीक्षण के दौरान 04 संस्थानों में बाल श्रम निषेध संबंधी सूचना पटल प्रदर्शित नहीं पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी करने की कार्रवाई की जा रही है। इसी तरह कलेक्टर द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी को एक माह तक विद्यालय से अनुपस्थित रहने वाले बच्चों की स्थिति की जानकारी श्रम विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा बालक एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) नियम 2017 की धारा 2बी(2) के तहत उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार ऐसे बच्चों की संख्या निरंक है।

कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाल श्रम उन्मूलन हेतु नियमित निरीक्षण जारी रखें तथा सभी प्रतिष्ठानों में बाल श्रम निषेध सूचना पटल अनिवार्य रूप से प्रदर्शित कराना सुनिश्चित करें। साथ ही बच्चों की शिक्षा में निरंतरता बनाए रखने के लिए सतत मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए।


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