news-details

सरायपाली : आदिवासी बालक आश्रम अमरकोट बना बच्चों के सर्वांगीण विकास का केन्द्र

सरायपाली विकासखंड मुख्यालय से लगभग 10 किलोमीटर दूर स्थित आदिवासी बालक आश्रम अमरकोट ने सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में कदम बढ़ाया है। पहले यहां बच्चों में स्वास्थ्य समस्याएं, पढ़ाई में रुचि की कमी और अनुशासनहीनता जैसी चुनौतियाँ आम थी। लेकिन समय के साथ आश्रम में एक अधीक्षक और कर्मचारियों के समर्पित प्रयासों से बच्चों के जीवन में नई ऊर्जा और दिशा का संचार हुआ। आज अमरकोट आश्रम शाला बच्चों के सर्वांगीण विकास का केंद्र बन चुकी है। यहां के छोटे-छोटे बच्चे अब अनुशासन, संस्कार, शिष्टाचार और आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

आश्रम में बच्चों को बागवानी, किचन गार्डन और वृक्षारोपण जैसी गतिविधियों से जोड़ा गया, जिससे उनमें प्रकृति के प्रति लगाव और जिम्मेदारी की भावना विकसित हुई। आश्रम के भोजन की गुणवत्ता में सुधार किया गया और साफ-सफाई, रहन-सहन व नियमित दिनचर्या पर विशेष ध्यान दिया गया। अब यहां के छात्र अपनी पढ़ाई में रुचि लेने लगे हैं। उन्हें अपने कमरे और सामान की देखरेख, स्वच्छता और अनुशासन का महत्व सिखाया जा रहा है।

खेल-कूद के क्षेत्र में भी बच्चों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिलती है। खो-खो, कबड्डी, क्रिकेट, बैडमिंटन के साथ-साथ पारंपरिक खेलों जैसे गोटी और पिठ्ठल में भी वे पूरे उत्साह से हिस्सा लेते हैं। इससे उनका शारीरिक और मानसिक विकास सुनिश्चित हो रहा है। आश्रम की दिनचर्या बच्चों के जीवन को नई दिशा दे रही है। सुबह योग और प्रार्थना से शुरुआत, दिन में पढ़ाई और शाम को प्रेरणादायक कहानियों के माध्यम से उन्हें जीवन के मूल्य सिखाए जा रहे हैं। इसके अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रम, ड्राइंग और पेंटिंग जैसी गतिविधियाँ बच्चों की प्रतिभा को निखारने में सहायक सिद्ध हो रही हैं।


अन्य सम्बंधित खबरें