सरायपाली : एफएलएन आधारित 5 दिवसीय नवीन पाठ्य पुस्तक प्रशिक्षण का आयोजन
डाइट महासमुंद में एफएलएन (Foundational Literacy and Numeracy) आधारित 5 दिवसीय नवीन पाठ्य पुस्तक प्रशिक्षण का सफल आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को नई पाठ्य पुस्तकों की समझ विकसित कराना तथा कक्षा में प्रभावी शिक्षण पद्धतियों को अपनाने हेतु सक्षम बनाना है।
मास्टर ट्रेनर विकासखंड सरायपाली शीला विश्वास, बागबाहरा गीता साहू,महासमुंद दुलारी चंद्राकर, बसना शरण दास,बागबाहरा रिंकल बग्गा ने 5 दिनों तक बखूबी प्रशिक्षण दिया। समापन सत्र में मुख्य अतिथि डाइट प्राचार्य अरुण प्रधान, उप प्राचार्य उमा देवी शर्मा,वरिष्ठ प्राध्यापक संतोष साहू,प्राध्यापक राजेश चन्द्राकर,प्राध्यापक ईश्वर चन्द्राकर, प्राध्यापक तिलोतमा प्रधान उपस्थित थे। पांच दिवसीय प्रतिवेदन योगेश साहू ,वासना पटेल,सुरेश नंद,डोलामणी साहू और नीरज साहू ने प्रस्तुत किया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में विकासखण्ड के विभिन्न प्राथमिक के शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं समन्वयकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और एससीएफ-एफएस,एससीएफ-एसई के अप्रोच और रणनीतियां साथी ही शिक्षण शास्त्र, बहुकक्षा और बहुस्तरीय कक्षा पर समझ, कक्षा चौथी की नई पाठ्यपुस्तक भाषा,खेल,योग शिक्षा, पर्यावरण, गणित,अंग्रेजी विषयों के आधारभूत कौशलों को सुदृढ़ करने के लिए नवीन गतिविधि-आधारित शिक्षण विधियों, मूल्यांकन तकनीकों एवं शिक्षण सामग्री के उपयोग पर विस्तार से जानकारी दी गई।
इस प्रशिक्षण में दुर्वादल दीप प्रधान पाठक, योगेश साहू सहायक शिक्षक,वर्षा नंद सहायक शिक्षक, ज्योति प्रधान प्रधान पाठक, बनमोती भोई प्रधान पाठक, योगिता प्रधान सहायक शिक्षक, हेमंत भोई सहायक शिक्षक, कामता पटेल संकुल समन्वयक, नवीन मिश्रा संकुल समन्वयक, सुंदरलाल डडसेना सहायक शिक्षक,खिंरसिंधु प्रधान सहायक शिक्षक, केशव साहू सहायक शिक्षक प्रशिक्षण में सम्मिलित हुए।
कार्यक्रम में प्रशिक्षकों ने बताया कि एफएलएन के तहत बच्चों में पढ़ने, लिखने एवं गणना करने की क्षमता को प्रारंभिक स्तर पर मजबूत करना अत्यंत आवश्यक है, जिससे उनके समग्र शैक्षणिक विकास की नींव मजबूत हो सके। प्रशिक्षण में सहभागी शिक्षकों ने समूह गतिविधियों, माइक्रो टीचिंग एवं प्रायोगिक अभ्यास के माध्यम से नई शिक्षण तकनीकों को समझा। प्रशिक्षण में विकासखंड सरायपाली, बसना, पिथौरा, बागबाहरा,महासमुंद के 60 प्रशिक्षार्थियों ने भाग लिया।
प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए इस प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी एवं प्रभावी बताया। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। प्रशिक्षण लेकर बच्चों को उनके कक्षा अनुरूप पढ़ने, लिखने, गणना करने की दक्षता में पारंगत करने का संकल्प लिया। उद्बोधन की कड़ी में प्राचार्य डाइट ने प्रशिक्षण के महत्व एवं नवीन पाठ्य पुस्तक के पैडागाजी पर जोर दिया।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।कार्यक्रम का संचालन शरण दास ने किया। आभार प्रदर्शन प्राध्यापक ईश्वर चंद्राकर ने किया।