महासमुंद : दो पक्षों के बीच मारपीट, दोनों ने दर्ज कराई शिकायत
महासमुंद के ग्राम बिरकोनी में खेत को लेकर दो पक्षों में मारपीट, गाली गलौच और विवाद हो गया. जिसपर दोनों पक्षों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है.
घनश्याम साहू के अनुसार 09 अप्रैल 2026 को सुबह 07:00 बजे वह अपने छोटे भाई पवन साहू के साथ अपने झिलमीली खार खेत में दवाई डालने के लिए गया तो देखा कि उसके खेत में लगे 05 एचपी के दो ट्युब वेल को किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा रात्रि में पाईप को काटकर बोर को नीचे गिरा दिया था. जिसको घनश्याम ने पत्थर से ढंक दिया था जिसकी शिकायत थाने में आकर किया था.
इसके बाद 10 अप्रैल 2026 को सुबह 06:00 बजे घनश्याम जब फिर अपने छोटे भाई पवन साहू के साथ झिलमीली खार खेत में दवाई डालने के लिए गया तो देखा कि उसके खेत में लगे ट्युट वेल के पास गांव का शंभू साहू खड़ा था, जो उसके ट्युबवेल में फेंसिंग पोल को डाल रहा था.
इसपर घनश्याम ने आवाज देकर चिल्लाया जो उसे देखकर भागने लगा. इसके घनश्याम ने उसे दौड़ाकर पकड़ा और पुछा कि मेरे खेत के बोर के पास तूम क्या करने आये थे, इतने में शंभू साहू जबरन मां बहन की गंदी गंदी गलौच कर घनश्याम के साथ मारपीट किया.
घनशयाम ने बताया कि शंभू साहू द्वारा ही 09 अप्रैल 2026 को उसके खेत में लगे दो नग 05 एच पी के मोटर को केबल सहित काट दिया है जिससे मोटर नीचे गिर गया है एवं उसके उपर पत्थर एवं फेंसिंग खंभा को डाल दिया, जिससे घनश्याम को 95000 रूपये का नुकसान हुआ है तथा मारपीट करने से घनश्याम को पीठ में चोंट आया है और दर्द हो रहा है. घटना को घनश्याम के भाई पवन साहू देखा सुना है तथा कन्हैया साहू एवं बालाराम साहू को बताया है.
मामले में शंभू साहू के खिलाफ 115(2)-BNS, 296-BNS, 324(4)-BNS, 326(a)-BNS, 329(3)-BNS का अपराध पंजीबध किया गया है.
जबकि शंभू साहू का कहना है कि 10 अप्रैल 2026 को सुबह 07:00 बजे वह झिलमीली खार खेत नहाने के लिये गया था, जहाँ अपने रेगहा में दिये खेत में लगे बोर में ब्रश कर रहा था, इसी दौरान घनश्याम साहू और पवन साहू उसके पास आकर बोलने लगा कि तुम अपने खेत को रेगहा में दिये हो तो तुम खेत क्यों आते हो.
तब घनशयाम ने बोला कि मेरा खेत है तो मैं नहाने के लिये आया हूं, उतने में घनश्याम साहू और पवन साहू पुरानी रंजिशवश गुस्से में आकर दोनों एक राय होकर शंभू को मां बहन गंदी गंदी गाली गलौज कर जान से मारने की धमकी देकर हाथ मुक्का एवं लात से मारपीट किये.
इसके बाद घनश्याम और पवन साहू शंभू को अपने बोर के पास ले गये और वहां भी बोर को गिरा कर नुकसान किये हो कहकर मारपीट करने लगे तब घटना को देखकर बाला राम साहू ने झगडा को छुडाया एवं बीच बचाव किया. मारपीट करने से शंभू के पीठ, चेहरा, दोनों हाथ की कोहनी एवं सीना में चोंट लगकर दर्द हो रहा है.
शंभू की शिकायत पर घनश्याम साहू और पवन साहू के खिलाफ 115(2)-BNS, 296-BNS, 3(5)-BNS, 351(3)-BNS का अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया गया है.