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बिहार की सियासत का सबसे बड़ा उलटफेर: सम्राट चौधरी संभालेंगे सत्ता की कमान, शपथ ग्रहण की तारीख तय

पटना। बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। भारतीय जनता पार्टी विधायक दल ने सम्राट चौधरी को अपना नेता चुन लिया है, जिसके बाद उनके मुख्यमंत्री बनने का रास्ता लगभग साफ माना जा रहा है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में हुई बैठक में यह अहम फैसला लिया गया।

राजभवन में सरकार गठन का दावा पेश करेंगे सम्राट चौधरी
बैठक के बाद अब सम्राट चौधरी राजभवन पहुंचकर राज्यपाल सैयद अता हसनैन के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। सूत्रों के अनुसार, नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 15 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा, जिसकी तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

डिप्टी सीएम के नाम भी लगभग तय, जेडीयू को मिलेगा प्रतिनिधित्व
सूत्रों के मुताबिक जेडीयू की ओर से दो उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की संभावना है, जिनमें विजेंद्र यादव और विजय चौधरी के नाम शामिल बताए जा रहे हैं। वहीं नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के सरकार का हिस्सा बनने की संभावना से इनकार किया जा रहा है।


सम्राट चौधरी का राजनीतिक सफर: अनुभव और संघर्ष से भरा करियर
सम्राट चौधरी ने साल 2017 में भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा था। इससे पहले वे आरजेडी और जेडीयू में भी रह चुके हैं। वे कोइरी यानी कुशवाहा समाज से आते हैं और ओबीसी वर्ग के एक मजबूत चेहरे के रूप में जाने जाते हैं।

राजनीतिक अनुभव का लंबा रिकॉर्ड, कई अहम विभागों की जिम्मेदारी संभाली
सम्राट चौधरी का राजनीतिक अनुभव काफी व्यापक रहा है। वे 1999 में राबड़ी देवी सरकार में कृषि मंत्री रह चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने बिहार सरकार में पंचायती राज मंत्री और उपमुख्यमंत्री के रूप में भी काम किया है। वे बिहार बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं।

विधान परिषद में विपक्ष के नेता से लेकर अहम मंत्रालयों तक का सफर
उन्होंने 2022 से 2023 तक बिहार विधानसभा में विधान परिषद के नेता प्रतिपक्ष के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली। अपने राजनीतिक करियर में उन्होंने वित्त, गृह, खेल, पंचायती राज और शहरी विकास एवं आवास जैसे महत्वपूर्ण विभागों में काम किया है, जिससे उनकी प्रशासनिक पकड़ मजबूत मानी जाती है।




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