महासमुंद : कमार परिवारों का शुरू हुआ डिजिटल सर्वे, 30 अप्रैल तक चलेगा विशेष अभियान
जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार जिले में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति कमार परिवारों के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान के उद्देश्य से व्यापक डिजिटल सर्वे अभियान प्रारंभ किया गया है। आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग अंतर्गत संचालित इस अभियान के तहत प्रत्येक पीव्हीटीजी परिवार का शत-प्रतिशत ऑनलाइन दस्तावेजीकरण सुनिश्चित करना है, ताकि योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र हितग्राहियों तक पहुंच सके।
जिले में कमार जनजाति की वर्तमान स्थिति का आकलन करने के लिए विभाग द्वारा लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। इसके तहत जिले में कुल 940 परिवारों और 3306 की जनसंख्या को कवर किया जाना है, जो 76 पीव्हीटीजी ग्रामों में निवासरत हैं। इस विशेष सर्वे अभियान को 30 अप्रैल 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने समय सीमा के भीतर सभी संबंधित टीमों को कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं एवं विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर सर्वे कार्य को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने कहा गया है।
जिले के तीनों पीव्हीटीजी विकासखंडों में जनपद सीईओ अपने-अपने क्षेत्रों में सर्वे दलों का मॉनिटरिंग कर रहे हैं, जिससे जमीनी स्तर पर कार्य में तेजी आई है। ग्राम स्तर पर गठित सर्वे दलों में पंचायत सचिव, रोजगार सहायक, पटवारी, बीट गार्ड, मितानिन, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता तथा छात्रावास अधीक्षकों को शामिल किया गया है, जो घर-घर पहुंचकर आवश्यक जानकारी एकत्रित कर रहे हैं। सर्वे कार्य की गुणवत्ता और सटीकता बनाए रखने के लिए जिला एवं विकासखंड स्तर पर विशेष प्रशिक्षण भी आयोजित किए गए हैं, जिसमें मास्टर ट्रेनर निलेश खांडे द्वारा सभी सदस्यों को ऑनलाइन ऐप के माध्यम से डेटा एंट्री की प्रक्रिया विस्तार से समझाई गई। वर्तमान में वे जिला स्तर से लगातार मॉनिटरिंग करते हुए टीमों के साथ समन्वय बनाए रख रहे हैं और समय-समय पर रिपोर्टिंग सुनिश्चित कर रहे हैं।
डिजिटल सर्वे के माध्यम से शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ सीधे कमार परिवार के पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने में सुविधा होगी, साथ ही स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता का सटीक आंकलन कर योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सकेगा। प्रशासन द्वारा संबंधित क्षेत्रों के नागरिकों से अपील की गई है कि वे सर्वे दल को सही एवं पूर्ण जानकारी प्रदान कर इस अभियान में सक्रिय सहयोग करें, ताकि निर्धारित समय-सीमा 30 अप्रैल 2026 तक यह महत्वपूर्ण कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किया जा सके।