महासमुंद : छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता लागू करने का निर्णय कानूनी एकरूपता के लिए बड़ा कदम - योगेश्वर राजू सिन्हा
बुधवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई, जिसमें कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में ही सरकार ने यूनिफॉर्म सिविल कोड का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए रिटायर्ड जज रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में कमेटी के गठन को मंजूरी दी है। अब जल्द ही छत्तीसगढ़ में भी समान नागरिक संहिता लागू होगी। इस फैसले को महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने कानूनी एकरूपता के लिए एक बड़ा कदम बताया है।
उन्होंने कहा कि विवाह, तलाक, भरणपोषण, पारिवारिक मामलों से जुड़े अलग-अलग धर्मों के लिए पर्सनल लॉ के नियम लागू हैं। इसी वजह से समान नागरिक संहिता लागू करना आवश्यक है। उच्च स्तरीय समिति राज्य के नागरिकों, विशेषज्ञों से सुझाव लेकर यूनिफॉर्म सिविल कोड का प्रारूप तैयार करेगी। कमेटी नागरिकों, सामाजिक संगठनों और विशेषज्ञों से सुझाव लेगी। जरूरत पड़ने पर वेब पोर्टल के माध्यम से आम लोगों से भी राय ली जाएगी। इसके बाद मंत्रिपरिषद के अनुमोदन के बाद विधानसभा में प्रस्तुत किया जाएगा। विधायक श्री सिन्हा ने आगे कहा कि सरकार का यह निर्णय महत्वपूर्ण कानूनी और सामाजिक कदम है। संविधान के अनुच्छेद 44 में उल्लेखित है कि राज्य भारत के समस्त राज्यक्षेत्र में नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता प्राप्त करने का प्रयास करेगा।
महिलाओं को भूमि रजिस्ट्रेशन में मिलेगी 50 प्रतिशत की छूट
इसके अलावा कैबिनेट की बैठक में महिलाओं के हित में भी बड़ा फैसला लिया गया है। बताया गया है कि अब महिलाओं के नाम पर अब भूमि रजिस्ट्रेशन में 50 प्रतिशत की छूट होगी। इसके अलावा कैबिनेट की बैठक में फैसला लिया गया है कि राज्य के सेवारत, भूतपूर्व सैनिकों और उनके विधवाओं के लिए जीवनकाल में एक बार 25 लाख रुपए तक संपत्ति क्रय करने पर 25% छूट मिलेगी।
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