जिला जेल महासमुंद में ‘मानसिक स्वास्थ्य जांच एवं परामर्श शिविर’ का भव्य आयोजन
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तत्वावधान में संचालित राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत आज जिला जेल महासमुंद में बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य सुधार हेतु एक विशेष जांच एवं मनोसामाजिक परामर्श शिविर आयोजित किया गया। यह पहल मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (DPM) श्रीमती नीलू घृतलहरे एवं डॉ. सी. पी. चंद्राकर नोडल अधिकारी मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के दिशा-निर्देशों के अनुरूप की गई।
शिविर का शुभारंभ जेल अधीक्षक अश्वनी पूजा तिर्की एवं सहायक जेल अधीक्षक उदय कुमार गायकवाड़ की उपस्थिति में हुआ। शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय (GMC) महासमुंद के स्पर्श क्लिनिक मनोरोग विभाग से आए विशेषज्ञों की टीम ने बंदियों को तनावमुक्त रहने के व्यावहारिक गुर सिखाए। टीम में प्रमुख रूप से डॉ. आशना (MD साइकेट्री), डॉ. अंकित, मनोरोग समाज कार्य विशेषज्ञ (PSW) श्री राम गोपाल खूंटे और वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी (SNO) श्री खोमन लाल साहू शामिल रहे।
शिविर के दौरान जेल के 100 बंदियों का गहन मानसिक स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। अधिकांश बंदियों को सामान्य तनाव और जेल की दिनचर्या से जुड़े परामर्श दिए गए। परीक्षण के दौरान 07 ऐसे बंदी (विशेष पेशेंट) पाए गए जिनमें मानसिक विकार के गंभीर लक्षण देखे गए। इन सात बंदियों के लिए विशेषज्ञों द्वारा विशेष उपचार योजना तैयार की गई है और उन्हें निरंतर फॉलो-अप में रखा जाएगा।
जेल अधीक्षक अश्वनी पूजा तिर्की ने इस मानवीय पहल की सराहना करते हुए कहा, बंदियों का मानसिक स्वास्थ्य उनके सामाजिक पुनर्वास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस तरह के शिविरों से उन्हें अवसाद और नकारात्मकता से बाहर निकलने में मदद मिलती है। मनोचिकित्सक डॉ. आशना ने बंदियों को ध्यान और सकारात्मक सोच के माध्यम से स्वयं को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया।
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