पदमपुर और पाइकमाल तक आएगी रेल, मई से शुरू होगा काम, लेकिन सरायपाली-बसना-पिथौरा की मांग अब भी अधूरी
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ओडिशा में रेलवे विकास के लिए 90,000 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं की घोषणा की है. इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद ओडिशा के 26 जिलों तक रेल कनेक्टिविटी पहुंच जाएगी. साथ ही राज्य सरकार के सहयोग से सभी 30 जिलों को रेल नेटवर्क से जोड़ने की योजना पर काम किया जा रहा है.
इसके पहले 16 अप्रैल, 2026 को एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुआ है, जिनमें कुल 6,879 करोड़ से अधिक का निवेश और 382 किलोमीटर की कुल मार्ग लंबाई शामिल है, इस परियोजना का उद्देश्य चार बड़ी रेल परियोजनाओं के काम में तेज़ी लाना है. जिसमे से एक बरगढ़-नुआपाड़ा नई लाइन 138.32 किमी की है.
बरगढ़-नुआपाड़ा की यह नई रेल लाइन पदमपुर से होकर गुजरेगी 2,621.92 करोड़ की स्वीकृत लागत वाली यह परियोजना भूमि अधिग्रहण और निविदा प्रक्रिया में समानांतर प्रगति के साथ आगे बढ़ रही है. इसमें ओडिशा सरकार मुफ्त ज़मीन देने के साथ-साथ 300 करोड़ रुपये की वित्तीय मदद भी दे रही है.
पूरे क्षेत्र में वैधानिक अधिसूचनाएँ जारी की जा चुकी हैं. बरगढ़ जिले में 79 गांवों को कवर करने वाली 20A अधिसूचनाएँ प्रकाशित की जा चुकी हैं, इसके बाद 20E अधिसूचनाएँ जारी की गईं, जिनमें छह गांवों में भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है.
नुआपड़ा जिले में भी सभी छह गांवों के लिए 20A अधिसूचनाएँ जारी की जा चुकी हैं, जो निर्माण की तैयारी की दिशा में निरंतर प्रगति का संकेत है.
इस लाइन के बनने से बरगढ़ और नवापाड़ा के बीच की दूरी लगभग 53 किमी से 87 किमी तक कम हो जाएगी, यह इलाका धान उत्पादन के लिए मशहूर है, रेल लाइन आने से यहाँ के किसानों और उद्योगों (कोयला, सीमेंट) को बहुत फायदा होगा. क्षेत्र में पर्यटन स्थल नृसिंहनाथ की पहुँच पर्यटकों के लिए आसान हो जाएगी. मई माह से इसका निर्माण कार्य भी शुरू हो जायेगा, जिसके 2031 के पूर्व पूर्ण होने की संभावना जताई जा रही है.
इस परियोजना में 13 रेलवे स्टेशन शामिल होंगे, जिनमें 11 नए स्टेशन और 2 मौजूदा स्टेशन शामिल हैं. इस मार्ग पर स्थित प्रमुख स्टेशन हैं - बरगढ़ रोड (मौजूदा), सरसारा (नया), दुमेरपाली (नया), बिजेपुर (नया), बडीपाली (नया), धौरामुंडा (नया), पदमपुर (नया), भगतपुर (नया), मझीपाली (नया), पैकमाल रोड (नया), बरतुंडा (नया), अनलाजुबा (नया) और नुआपड़ा रोड (मौजूदा) स्टेशन.
वहीँ आजादी के बाद सात दशक बाद भी सरायपाली, बसना, सांकरा, पिथौरा, रेल मार्ग से नहीं जुड़ पाया है, क्षेत्र के लोग लम्बे अरसे से यहाँ रेल लाइन की मांग कर रहे थे, वर्त्तमान में बसना से स्थानीय सांसद रूपकुमारी चौधरी के चुने जाने के बावजूद क्षेत्र में रेल की मांग पूरी ना हो पाना अत्यनत ही दुर्भाग्यपूर्ण है. सरायपाली-बसना की अनदेखी करना आने वाले समय में स्थानीय लोगों के मन में रोष भी पैदा करेगा.
अब देखना होगा कि क्या सांसद रूपकुमारी चौधरी आने वाले समय में इस मांग को पूरा करा पाएंगी? या यह मांग अधूरी ही रह जाएगी ?